UP Board Exam 2026: कॉपियों में निकले ‘इमोशनल कार्ड’

गाजीपुर/वाराणसी/प्रयागराज: 26 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की ऊतर पुस्तिकाओं का मुल्यांकन कार्य इन दिनों पुरे प्रदेश में जोरों पर हैं| लेकिन इस बार मुल्यांकन केंद्रों से जो खबरें निकलकर सामने आ रही हैं, वे चौकानें वाली भी हैं और काफी दिलचस्प भी| परीक्षा की कॉपियों में सवालों के जवाबों की जगह परीक्षार्थियों ने भावुक अपीलें, अजीबोगरीब प्रेम कहानियां और यहाँ तक कि शिक्षकों को रिश्वत देने की कोशिशें भी की हैं|
बोर्ड की सख्ती और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद, कई छात्र अपनी तैयारी की कमी को ‘इमोशनल कार्ड’ खेलकर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं|
“सर, शादी तय हो गई हैं, फेल हुआ तो टूट जाएगी”: अनोखी अपीलें:-
मुल्यांकन केंद्रों पर तैनात शिक्षकों के सामने उस समय धर्मसंकट की स्थिति पैदा हो गई जब एक छात्रा की कॉपी में उत्तर की जगह एक लंबी चिट्ठी मिली| छात्रा ने लिखा था- “आदरणीय गुरूजी, मेरी शादी तय हो चुकी हैं| अगर मै इस विषय में फेल हो गई, तो ससुराल वाले रिश्ता तोड़ देंगे और मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी| प्लीज मुझे पास कर दीजिएगा, ईश्वर आपका भला करेगा|”
सिर्फ छात्राएं ही नहीं, छात्र भी पीछे नहीं हैं| एक छात्र ने तो अपनी कॉपी में स्पष्ट रूप से लिखा- “सर मै बीमार था इसलिए पढ़ नहीं पाया| अगर आप मुझे 33 नंबर दे देंगे, तो मै आपके लिए मिठाई का डिब्बा भिजवाऊंगा|”
फ़िल्मी डायलाग और शायरी का तड़का:-
2026 की बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में इस बार सोशल मीडिया और फिल्मों का गहरा असर दिखाई दे रहा हैं| रसायन विज्ञान (Chemistry) और गणित (Maths) जैसे कठिन विषयों की कॉपियो में छात्रों ने प्रश्नों के हल लिखने के बजाय बॉलीवुड के मशहूर डायलाग लिखे हैं| एक कॉपी में तो यहाँ तक लिखा मिला- “पुष्पा… झुकूँगा नहीं साला, लेकिन सर…. नंबर दे दो वरना घर वाले कूट देंगे|”
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इसके अलावा, कई कॉपियों में दुःख भरी शायरी और अधूरी प्रेम कहानियों का जिक्र मिला हैं| परीक्षण हैरान हैं कि जो छात्र तीन घंटे के समय में प्रश्नों के उत्तर नहीं लिख सके, उन्होंने कॉपियों के पन्ने भरने के लिए इतनी लंबी-चौड़ी कहानियां कैसे कढ लीं|
कॉपियो से निकल रहे हैं 100, 200, और 500 के नोट:-
उत्तर प्रदेश के विभिन्न मुल्यांकन केंद्रों, विशेषकर वाराणसी और गाजीपुर के केंद्रों से यह खबर भी आई हैं कि उत्तर पुस्तिकाओं के भीतर गोंद या टेप से चिपकाए गए नोट मिल रहे हैं| परीक्षकों को लुभाने के लिए छात्रों ने कॉपियों में 100, 200 और 500 रूपये के नोट रखे हैं| हाथ ही नीचे मोबाइल नंबर लिखकर कॉल करने का आग्रह भी किया गया हैं|
हालांकि, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सख्त निर्देश हैं कि ऐसी किसी भी कोशिश को भ्रष्टाचार माना जाएगा| शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नोटों का वितरण दर्ज करें और छात्र को केवल उसकी योग्यता के आधार पर ही अंक प्रदान करें|
शिक्षकों के लिए बना सिरदर्द, बोर्ड का सख्त रुख:-
मुल्यांकन कर रहे शिक्षकों का कहना हैं कि ऐसी कॉपियो को जांचना काफी तनावपूर्ण होता हैं| एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया, “जब हम देखते हैं कि छात्र ने कुछ भी नही लिखा हैं और सिर्फ भावुक बातें की हैं, तो नियमों के तहत हमें जीरो देना पड़ता हैं| लेकिन उनकी लिखी बातें पढकर कभी-कभी दया भी आती हैं, पर हम कानून से बंधे हैं|”
UPMSP के सचिव ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा हैं कि मुल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हैं| सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कॉपियां जाँची जा रही हैं और किसी भी प्रकार की सिफारिश या प्रलोभन छात्र को पास नहीं करा सकता| बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की हैं कि वे बच्चों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाएं, न कि उन्हें ऐसे अनुचित रास्तों पर चलने दें|
कसमों और वादों का सिलसिला: ‘गुरूजी आपको अपनी औलाद की कसम’:-
मुल्यांकन के दौरान परीक्षकों को ऐसी कॉपियां भी मिली हैं जिनमे छात्रों ने भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश की हैं| एक छात्र ने लिखा, “गुरूजी, आपको अपने बच्चो की कसम हैं, मुझे पास कर देना, वरना मेरे पिता मुझे घर से निकाल देंगे|” ऐसी कसमें और वादे पढ़कर शिक्षक हैरान हैं| विशेषज्ञों का मानना हैं कि छात्र पढ़ाई के दबाव को संभालने के बजाय इस तरह के मनोवैज्ञानिक हथकंडे अपना रहे हैं, जो उनकी मानसिक स्थिति और शिक्षा के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता हैं|
‘लव लेटर’ और अधूरी प्रेम कहानियों का अंबार:-
इस बार की कॉपियों में उत्तरों की जगह प्रेम प्रसंगों का विवरण भी खूब मिल रहा हैं| कई छात्रों ने अपनी प्रेमिका के नाम संदेश लिखे हैं तो किसी ने अपनी ‘ब्रोकन हार्ट’ स्टोरी बयां की हैं| एक कॉपी में छात्र ने लिखा, “मेरा मन पढ़ाई में नहीं लगता क्योंकि मेरा दिल टूट गया हैं, सर आप तो समझते ही होंगे, प्लीज नंबर दे दीजिए|” यह दर्शाता हैं कि सोशल मीडिया और किशोर उम्र के भटकाव का असर अब बोर्ड की गंभीर परीक्षाओं तक पहुँच चूका हैं|
गरीबी और बीमारी का ‘सिम्पैथी कार्ड’:-
सैकड़ों कॉपियों में छात्रों ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला दिया हैं| किसी ने लिखा कि उसके पिता मजदूरी करते हैं और वह दिन भर काम करने के कारण पढ़ नहीं पाया, तो किसी ने गंभीर बीमारी का मेडिकल पर्चा तक कॉपी में स्टेपल (नत्थी) कर दिया हैं| हालांकि, बोर्ड के नियमों के अनुसार, किसी भी छात्र को उसकी पारिवारिक या व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर अतिरिक्त अंक देने का कोई प्रावधान नहीं हैं| मुल्यांकन केवल कॉपी में लिखे गए सही उत्तरों के आधार पर ही होता हैं|
मोबाइल नंबर और ‘कॉल मी’ का आग्रह:-
कॉपियों के आखिरी पन्ने पर उया उत्तरों के बीच में अपना पर्सनल मोबाइल नंबर लिखकर ‘कॉल मी सर’ लिखने वाले छात्रों की संख्या भी काफी अधिक हैं| छात्र यह उम्मीद करते हैं कि परीक्षक उन्हें फोन करेंगे और वे फोन पर पैसे या पैरवी के जरिए सेटिंग कर लेंगे| माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना हैं| ऐसे मोबाइल नंबरों की सूचि तैयार की जा रही हैं और बोर्ड उन पर कार्रवाई करने या भविष्य के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने पर विचार कर सकता हैं|
सीसीटीवी की निगरानी में ‘नोट’ निकालने का विडियो रिकॉर्ड:-
इस बार मुल्यांकन केंद्रों पर तकनीक का पहरा बहुत सख्त हैं| कॉपियां खोलते समय यदि कोई नोट (रूपये) निकलता हैं, तो उसे तुरंत कैमरे के सामने दिखाया जाता हैं और एक अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाता हैं| कई केंद्रों पर शिक्षकों ने बताया कि कॉपियों से 10 रूपये से लेकर 500 रूपये तक के नोट निकल रहे हैं| बोर्ड ने स्पष्ट किया हैं कि यह पैसा सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा और जिस छात्र की कॉपी से नोट निकलेगा, उसके खिलाफ अनुचित साधनों (UFM) के तहत कार्रवाई भी हो सकती हैं|
निष्कर्ष:-
यूपी बोर्ड की कॉपियों में मिलने वाली ये चीजें केवल हँसी-मजाक का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी शिक्षा प्रणाली के लिए एक चेतावनी हैं| छात्रों में मेहनत के बजाय जुगाड़ से पास होने की प्रवृति बढ़ रही हैं| अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर बच्चों को यह समझाने की जरूरत हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और ईमानदारी से की गई पढ़ाई ही भविष्य संवार सकती हैं|