पीएम नरेंद्र मोदी के दो दिन इसराइल दौरे ने सड़कों से लेकर संसद और सोशल मीडिया तक में हलचल मचा दी हैं| उनके नाम और दौरे से जुड़े मुद्दे X पर टॉप ट्रेंड में रहे, वही उनके दिए गए एतिहासिक भाषण को जबरदस्त सराहना मिली हैं| भारत के पीएम मोदी का दो दिन इसराइल दौरा सिर्फ कुटनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में यह चर्चा का विषय बन गया हैं| सड़कों से लेकर संसद भवन तक और सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर भी उनका नाम छाया रहा हैं|
मोदी जी X पर टॉप ट्रेंड में:-
गुरुवार को इसराइल में X की ट्रेंडिंग लिस्ट में पीएम मोदी और उनके दौरे से जुड़े विषय दुसरे और तीसरे स्थान पर रहे| उससे पहले ही उनका नाम भी शीर्ष ट्रेंड में शामिल रहा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह हलचल इस बात का संकेत हैं कि इसराइल में उनके दौरे को लेकर व्यापक उत्साह और रूचि देखी जा रही हैं|
खास स्वागत नेतन्याहू का:-
पीएम मोदी इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर वहां पहुंचे, नेतन्याहू खुद एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में पहुंचे, जो कि दोनों नेताओं के बीच मजबूत रिश्तों को दर्शाता हैं| भाषण के बाद भी दोनों नेताओं की गर्मजोशी साफ नजर आई|
सर्वोच्च संसदीय सम्मान मिला:-
भाषण के बाद पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द केनेसट मेडल’ से सम्मानित किया गया हैं, जो इसराइल के सर्वोच्च संसदीय सम्मानों में से एक हैं| यह सम्मान इसराइल-भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके व्यक्तिगत नेतृत्व और योगदान के लिए दिया गया, वो यह सम्मान पाने वाले पहले विदेशी नेता बने|
विपक्ष के कुछ सदस्यों द्वारा पहले वहिष्कार की चेतावनी दी गई थी, लेकिन संबोधन के दौरान संसद में अच्छी उपस्थिति रही और अलग-अलग दलों के सांसदों ने तालियों से उनका स्वागत किया, भाषण के बाद कई सांसद पीएम मोदी के साथ फोटो और सेल्फी लेने के लिए कतार में नजर आए|
कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और नेतन्याहू एक साथ कार में तकनीकी प्रदर्शनी देखने पहुंचे, संयुक्त रात्रिभोज से पहले नेतन्याहू ने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर पीएम मोदी को खास सरप्राइज भी दिया|
पीएम मोदी का एतिहासिक संबोधन केनेसट में:-
वह केनेसट में भाषण देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, पीएम मोदी ने इसराइल की संसद केनेसट को संबोधित किया| अपने भाषण में उन्होंने भारत और इसराइल के 2000 साल पुराने एतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया| उन्होंने कहा कि “बुक ऑफ एस्तेर” में भारत को “होदु” कहा गया हैं और तल्मूड में प्राचीन काम में भारत के साथ व्यापार का जिक्र मिलता हैं, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत यहूदी समुदाय सदियों से बिना किसी भेद-भाव के शांति से रहा हैं|
मोदी ने संसद को बताया कि भारत-इसराइल के साथ मजबूती से खड़ा हैं:-
पीएम ने पश्चिम एशियाई देश की अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए इसरायली संसद को संबोधित किया, उन्होंने बोला की भारत आतंवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की अडिग नीति अपनाता हैं और इसमे कोई दोहरा मापदंड नही हैं|
पीएम मोदी ने कहा, “मै 7 अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हैं, जिनका जीवन तबाह हो गया|” उन्होंने आगे कहा कि भारत इसराइल के साथ “दृढ़ता और पूर्ण विश्वास के साथ” खड़ा हैं| पीएम मोदी ने नेसेट के सदस्यों को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अपने संघर्ष की याद दिलाई और मुम्बई में हुए 26/11 के आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें भारतीय नागरिकों के साथ-साथ इसराइल सहित कई अन्य देशों के नागरिक भी मारे गए थे, नौ साल बाद इसराइल की अपनी दूसरी यात्रा में आतंकवादीयों के बारे में बताई|
उन्होंने कहा कि “आपकी तरह हमारी भी आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की एक सुसंगत और अडिग नीति हैं, जिसमे दोहरा मापदंड नहीं हैं|
मोदी ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने के इसराइल के प्रयासों का समर्थन किया था और अब्राहम समझौते के तहत अरब देशों के साथ संबंध बनाने के इसराइली कदम ने “साहस और दूरदर्शिता” दिखाई| उन्होंने कहा, “तब से स्थिति में काफी बदलाव आया हैं|
उन्होंने कहा की भारत इसराइल के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष “डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना” का उपयोग करते हुए “सीमा पार वित्तीय संबंधों” के माध्यम से इस दिशा में काम कर रहे हैं| उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर भी कर रहे हैं और इससे “हमारे व्यापारिक संबंधों में छिपी अपर संभावनाओं के द्वार खुलेंगे|” उससे पहले, भारत के प्रधानमंत्री का संसद में स्वागत करते हुए, इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मोदी ने “बिल्कुल भी संकोच नहीं किया” और उनके नेतृत्व में भारत ने हाल के चुनौतीपूर्ण समय में इसराइल को समर्थन दिया| नेतन्याहू ने कहा, “आप इसराइल के साथ खड़े रहे, आप यहूदियों के साथ खड़े रहे|
पीएम मोदी जिन्हें ‘कंससेट अध्यक्ष पदक” से सम्मानित किया गया, यहूदी समुदाय के साथ भारत के संबंधो को प्राचीन व्यापार और लोगो के आवागमन से जुड़ा बताया और कहा कि भारत में “इसराइल के संकल्प, साहस और उपलब्धियों के प्रति गहरा सम्मान” हैं| उन्होंने भारत में यहूदी समुदाय के प्रति भेद-भाव के अभाव की बात भी की और विशेष रूप से केरल, कोलकाता और मुम्बई के एतिहासिक यहूदी समुदायों का उल्लेख किया|
