आज कोलकाता (Kolkata) में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे शहर भर में अफरा-तफरी और लोगों में चिंता का माहौल बन गया| आलम ये था कि लोग अपने घरों और ऑफिसों से बाहर भाग कर खुले स्थानों पर इकट्ठा हो गए| यह प्राकृतिक घटना शहर और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय दर्ज की गई|
आज का भूकंप क्या हुआ?
आज शुक्रवार दोपहर लगभग 1:22 बजे (IST) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए| प्रारंभिक सैद्धांतिक रिपोर्टों के अनुसार भूकंप की तीव्रता लगभग 5.3 से 5.5 तक रिक्टर स्केल पर मापी गई थी| झटके इतने स्पष्ट थे कि ऊँची इमारतों में फर्नीचर हिलने लगा और लोग तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े|
वैज्ञानिकों के अनुसार यह भूकंप संभवतः बांग्लादेश में 35 किमी गहराई में आया, और उसके धक्कों का असर कोलकाता तथा आसपास के जिलों जैसे हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना आदि में महसूस हुआ| फ़िलहाल किसिस बड़े नुकसान या जनहानि की रिपोर्ट नहीं मिली हैं, लेकिन स्थिति का निरिक्षण जारी हैं|
कैसे महसूस हुआ और क्या प्रतिक्रिया हुई
भूकंप आते ही:
- . लोग अचानक घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए|
- . कई लोगों ने अपने मोबाइल पर झटके के वीडियो और प्रतिक्रियाएं साझा कीं|
- . कुछ इलाकों में फर्नीचर और पंखे जैसी चीजें हिलती नजर आई|
- . ऑफिसों और व्यस्त स्थानों पर मौजूद लोग भी सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे|
इस भूकंप के झटके शहर भर में कुछ सेकंडों तक महसूस हुए, जिससे लोग डर गए लेकिन अब तक किसी बड़े भौतिक नुकसान या गंभीर चोटों की खबर नहीं हैं|
भूकंप के पीछे क्या वजह हो सकती हैं?
भूकंप एक प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक घटना हैं, जो पृथ्वी की एक परत (Tectonic Plates) के नीचे की भारी चट्टानों के अचानक टूटने या खिसकने के कारण होती हैं| जब यह उर्जा धरती की सतह तक फैलती हैं, तो हम उसे भूकंप के झटकों के रूप में महसूस करते हैं| कोलकाता और उसके आस-पास का इलाका साउथ एशिया की टेक्टोनिक गतिविधियों के प्रभाव में होता हैं, जहाँ समय-समय पर हल्की-मध्यम भूकंप की घटनाएँ दर्ज होती रहती हैं|
सुरक्षा और सतर्कता:-
हालांकि आज का भूकंप गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा पाया, फिर भी विशेषज्ञ कहते हैं कि:
- . हमेशा मजबूत और खुले स्थान पर जाना चाहिए|
- . ऊँची इमारतों से भूकंप के समय बाहर निकलना चाहिए|
- . ताजा सरकारी और मौसम विभाग की घोषणाओं पर ध्यान देना चाहिए|
भूकंप क्या हैं और इससे कैसे बचें?-
कोलकाता के सन्दर्भ में विस्तृत गाइड
हाल ही में Kolkata में महसूस किए गए भूकंप के झटकों ने एक बार फिर यह याद दिलाता हैं कि प्राकृतिक आपदाएँ कभी भी आ सकती हैं| भले ही इस बार बड़ा नुकसान नही हुआ, लेकिन भूकंप जैसी घटनाओं के बारे में वैज्ञानिक जानकारी और सुरक्षा उपाय जानना बेहद ज़रूरी हैं|इस ब्लॉग में हम भूकंप के पीछे का विज्ञान, इसके प्रभाव, और सुरक्षा उपायों को विस्तार से समझेंगे|
भूकंप क्या होता हैं? (वैज्ञानिक दृष्टिकोण से)
भूकंप पृथ्वी की स्थ के नीचे होने वाली भू-गर्भीय हलचल का परिणाम हैं| पृथ्वी की ऊपरी परत कई टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) में बटी होती हैं| ये प्लेटें लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं, तो ऊर्जा निकलती हैं| यही ऊर्जा धरती की सतह पर कंपन के रूप में महसूस होती हैं- जिसे हम भूकंप कहते हैं|
भूकंप मापने का पैमाना:-
- . रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती हैं|
- . 3.0 से कम – हल्का, मुश्किल से महसूस होता हैं
- . 4.0-5.0 – खिड़कियाँ और पंखे हिल सकते हैं
- . 6.0 या उससे अधिक – गंभीर नुकसान संभव
भूकंप का केंद्र (Epicenter) वह स्थान होता हैं जहाँ धरती की सतह पर कंपन सबसे ज्यादा महसूस होता हैं|
कोलकाता और पूर्वी भारत में भूकंप का खतरा क्यों?
पूर्वी भारत और बांग्लादेश का इलाका हिमालयी टेक्टोनिक गतिविधियों के प्रभाव में हैं| भारतीय प्लेट (Indian Plate) और यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) की टक्कर के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर हल्के और मध्यम स्तर के भूकंप आते रहते हैं| यह पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं हैं| इसलिए जागरूक रहना आवश्यक हैं|
भूकंप के दौरान क्या करें?
Drop, Cover, Hold ( झुको, ढको, पकड़ो)
- तुरंत नीचे झुक जाएँ|
- मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे शरण लें|
- उसे मजबूती से पकड़कर रखें|
खिडकियों और शीशों से दूर रहें
- कांच टूट सकता है और चोट लग सकती हैं|
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें|
- सीढ़ियों का उपयोग भी तभी करें जब झटके पूरी तरह रुक जाएँ|
खुले स्थान पर जाएँ ( अगर बाहर हैं)
- बिजली के खंभों
- पेड़ो
- इमारतों से दूर रहें|
भूकंप से पहले क्या तैयारी करें?
- इमरजेंसी किट तैयार रखें
आपकी किट में होना चाहिए:
- टॉर्च
- बैटरीयाँ
- प्राथमिक उपचार (First Aid Kit)
- पीने का पानी
- सुखा खाना
- ज़रूरी दवाईयां
2. भारी फर्नीचर दीवार से फिक्स करें
- अलमारी
- फ्रिज
- भारी सामान को दीवार से मजबूती से जोड़ें|
3. परिवार के साथ आपातकालीन योजना बनाएं
- मिलने की जगह तय करें
- ज़रूरी फोन नम्बर याद रखें
- बच्चों को सुरक्षा नियम सिखाएं
भूकंप के बाद क्या करें?
- गैस और बिजली की लाइन चेक करें|
- अगर गैस की गंध आए तो तुरंत बाहर निकलें|
- घायक लोगो को प्राथमिक उपचार दे|
- सरकारी निर्देशों का पालन करें|
भारत में आपदा प्रबंधन के लिए National Disaster Management Authority (NDMA) समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता हैं| उनकी वेबसाइट और आधिकारिक सुचना स्रोतों से अपडेट लेते रहना चाहिए|
क्या भूकंप की भविष्यवाणी संभव हैं?
वर्तमान वैज्ञानिक तकनीक से भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं हैं| हालांकि, सिस्मोग्राफ (Seismograph) उपकरण धरती के कंपन को रिकार्ड करते हैं और शोधकर्ता इन आंकड़ो के आधार पर संभावित जोखिम क्षेत्रों की पहचान करते हैं|
इसलिए “पूर्वानुमान” से ज्यफा “तैयारी” महत्वपूर्ण हैं|
मानसिक रूप से तैयार रहना भी ज़रूरी:-
भूकंप के दौरान घबराहट सबसे बड़ी समस्या होती हैं| शांत रहना और सही निर्णय लेना ही जान बचा सकता हैं| बच्चों और बुजुर्गो को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं|
भूकंप एक प्राकृतिक घटना हैं जिसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही जानकारी और तैयारी से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं| कोलकाता जैसे महानगरों में ऊँची इमारतों और घनी आबादी के कारण जागरूकता और भी ज़रूरी हो जाती हैं|
