फलता में फिर वोटिंग:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों फलता विधानसभा सीट सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई हैं| एक समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर आज दोबारा मतदान हो रहा हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात यह हैं कि TMC का कोई सक्रिय उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं| ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा राजनीतिक फेस मिलता दिखाई दे रहा हैं|
फलता सीट पर दोबारा मतदान को लेकर पुरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं| चुनाव आयोग द्वारा पहले हुए मतदान को रद्द करने के बाद अब यहाँ भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया जा रहा हैं|
क्यों हो रहा हैं दोबारा मतदान?
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलता सीट पर कई गंभीर आरोप सामने आए थे| विपक्षी दलों ने दावा किया था कि कई बूथों पर मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया और EVM मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिलीं| कुछ जगहों पर BJP के चुनाव चिन्ह को टेप से ढकने तक के आरोप लगे थे|
इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने पुरे मामले की जाँच की और बाद में फलता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया| आयोग ने इसे “लोकतांत्रिक प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी” बताया|
TMC उम्मीदवार जाहांगीर खान ने क्यों छोड़ा मैदान?
फलता सीट से TMC ने जाहांगीर खान को उम्मीदवार बनाया था| चुनाव प्रचार के दौरान उनका नाम काफी चर्चाओं में रहा| उन्होंने खुद को “पुष्पा” बताते हुए बयान दिया था कि वह किसी के सामने झुकेंगे नहीं| लेकिन मतदान से ठीक दो दिन पहले उन्होंने अचानक चुनावी मैदान छोड़ दिया|
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जाहांगीर खान ने कहा की वह फलता में शांति और विकास चाहते हैं, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया| उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार द्वारा इलाके के विकास के लिए विशेष पैकेज देने की बात कही गई हैं|
हालांकि TMC ने उनके फैसले को “व्यक्तिगत निर्णय” बताया और कहा कि पार्टी का इससे कोई लेना-देना नही हैं| पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया की क्षेत्र में डर और दबाव का माहौल बनाया गया|
BJP ने किसे बनाया उम्मीदवार?
फलता सीट पर BJP ने देबांग्शु पांडा को उम्मीदवार बनाया हैं| TMC उम्मीदवार के हटने के बाद अब बीजेपी को इस सीट मजबूत स्थिति में माना जा रहा हैं| कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना हैं कि यह सीट अब BJP के लिए लगभग आसान जीत बनती दिखाई दे रही हैं|
BJP नेताओं ने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को हार का डर था, इसलिए उम्मीदवार ने मैदान छोड़ दिया| वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जनता अब बदलाव चाहती हैं|
भारी सुरक्षा के बीच मतदान
फलता में दोबारा मतदान के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं| केंद्रीय सुरक्षा बलों की कई कंपनियां तैनात की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके|
चुनाव आयोग ने साफ कहा हैं कि इस बार निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराना उनकी प्राथमिकता हैं| इसी वजह से अतिरिक्त पुलिस बल और क्विल रिस्पांस टीम भी तैनात की गई हैं|
राजनीतिक रूप से क्यों अहम हैं फलता?
फलता विधानसभा सीट राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती हैं क्योंकि यह डायमंड हार्बर क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं, जिसे लंबे समय से TMC का मजबूत इलाका माना जाता रहा हैं|यह क्षेत्र पार्टी के बड़े नेताओं से भी जुड़ा रहा हैं|
ऐसे में यहाँ TMC उम्मीदवार का चुनाव मैदान छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं| दूसरी तरफ BJP इसे बंगाल की राजनीति में अपने बढ़ते प्रभाव के तौर पर देख रही हैं|
विपक्ष क्या कह रहा हैं?
कांग्रेस और वाम दलों ने भी इस पुरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं| उनका कहना हैं कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार तनाव और टकराव बढ़ता जा रहा हैं| विपक्षी दलों ने निष्पक्ष चुनाव की मांग की हैं और चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की अपील की हैं|
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
फलता सीट को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही हैं| कई लोग इसे बंगाल की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट बता रहे हैं| Reddit और अन्य प्लेटफ़ार्म्स पर भी लोग लगातार इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं|
कुछ यूजर्स का कहना हैं कि TMC का उम्मीदवार हटना पार्टी की कमजोरी दिखता हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रहे हैं|
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हुई हैं| अगर BJP इस सीट पर जीत दर्ज करती हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश माना जाएगा| वहीं TMC के लिए यह हार उसके गढ़ में बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं|
फलता का यह चुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का मामला नहीं रह गया हैं, बल्कि यह बंगाल की बदलती राजनीति और जनता के मुड का संकेत भी माना जा रहा हैं| आने वाले दिनों में इसके नतीजे राज्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकते हैं|
