28 अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण:
Chandra Grahan 2026: अगस्त 2026 के आखिरी दिनों में आसमान में एक बेहद खास खगोलीय घटना होने जा रही हैं| 28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा| यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण (Deep Partial Lunar Eclipse) होगा| इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया यानी Umbra का बड़ा हिस्सा चंद्रमा को ढक लेगा| NASA के अनुसार ग्रहण के चरम पर चंद्रमा के करीब 96 प्रतिशत क्षेत्र का हिस्सा पृथ्वी की Umbra में होगा|
इस खगोलीय घटना को दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा| न्यूयार्क, पेरिस, लंदन, बर्लिन, रोम, मैड्रिड और सैटियागो समेत कई शहरो में लोग इस ग्रहण को देख पाएंगे| वहीं भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं कि ग्रहण के प्रमुख चरण के दौरान चंद्रमा भारत में क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए यहाँ से इसे सीधे देखना संभव नहीं होगा|
28 अगस्त 2026 को कितने बजे से शुरू होगा चंद्र ग्रहण?
भारतीय समयानुसार 28 अगस्त को ग्रहण का पहला यानी उपच्छाया चरण सुबह करीब 6:53 बजे शुरू होगा| इसके बाद पृथ्वी की गहरी छाया का प्रभाव दिखाई देने वाला आंशिक चरण लगभग 8:03 बजे IST से शुरू होगा|
ग्रहण का सबसे महत्वपूर्ण यानी अधिकतम चरण सुबह करीब 9:43 बजे होगा| इसके बाद आंशिक चरण समाप्त होगा और अंत में उपच्छाया चरण भी समाप्त हो जाएगा|
पुरे वैश्विक ग्रहण की अवधि लगभग 5 घंटे 38 मिनट हैं| NASA के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम ग्रहण 04:13 UTC के आसपास होगा, जो भारतीय समयानुसार करीब 9:43 बजे बैठता हैं|
चंद्र ग्रहण की मुख्य टाईमिंग
- शुरुआत: सुबह 6:53 बजे IST के आसपास
- आंशिक चरण: सुबह करीब 8:03 बजे
- अधिकतम ग्रहण: सुबह करीब 9:43 बजे
- आंशिक चरण समाप्त: करीब 11:22 बजे
- पूरी उपच्छाया समाप्त: दोपहर करीब 12:31 बजे
ये वैश्विक ग्रहण के चरणों को भारतीय समय में बदलकर दिए गए अनुमानित समय हैं| किसी स्थान पर वास्तविक दृश्यता वहाँ के चंद्रोदय और चंद्रास्त पर निर्भर करती हैं|
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क्या 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
यह सवाल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं| 28 अगस्त 2026 का यह चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा|
ग्रहण के दौरान भारत में चंद्रमा की स्थिति ऐसी होगी की प्रमुख ग्रहण चरण के समय वह स्थानीय क्षितिज के ऊपर दिखाई नहीं देगा| इसलिए भारत में रहने वाले लोग खुले आसमान में खड़े होकर इस ग्रहण को सीधे नहीं देख पाएंगे|
इसका मतलब यह नहीं हैं कि ग्रहण हो ही नहीं रहा होगा| खगोलीय घटना पृथ्वी के उस हिस्से में दिखाई देगी जहाँ उस समय रात होगी और चंद्रमा क्षितिज के ऊपर होगा|
न्यूयार्क में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण?
न्यूयार्क में यह ग्रहण काफी अच्छी तरह दिखाई देगा| Timeanddate के अनुसार वहाँ उपच्छाया चरण 27 अगस्त की रात 9:23 बजे EDT से शुरू होगा|
आंशिक ग्रहण करीब 10:33 बजे रात शुरू होगा और ग्रहण का अधिकतम चरण 28 अगस्त की रात 12:12 बजे होगा| इसके बाद आंशिक चरण करीब 1:51 बजे रात समाप्त होगा और पूरा उपच्छाया चरण 3:01 बजे समाप्त होगा|
यानी न्यूयार्क में रहने वाले लोगों के लिए ग्रहण 27 अगस्त की रात से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक चलेगा|
पेरिस में कब दिखाई देगा Lunar ECLIPSE?
फ़्रांस की राजधानी पेरिस में भी यह आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा| यहाँ ग्रहण का शुरूआती उपच्छाया चरण 28 अगस्त की सुबह करीब 3:23 बजे शुरू होगा|
पेरिस में आंशिक ग्रहण लगभग 4:33 बजे सुबह शुरू होगा| अधिकतम चरण करीब 6:12 बजे सुबह आएगा| ग्रहण का अंतिम हिस्सा सूर्योदय के आसपास होने के कारण स्थानीय परिस्थितियाँ दृश्यता को प्रभावित कर सकती हैं|
इसलिए यूरोप के कुछ हिस्सों में ग्रहण को देखने के लिए पश्चिमी दिशा में खुले क्षितिज की जरूरत होगी|
किन-किन शहरों में दिखेगा चंद्र ग्रहण?
उपलब्ध दृश्यता आंकड़ों के अनुसार दुनिया के कई शहरों में ग्रहण का कम से कम कुछ हिस्सा देखा जा सकेगा|
30 प्रमुख शहरों की सूचि
- न्यूयार्क, अमेरिका
- बर्लिन, जर्मनी
- पेरिस, फ़्रांस
- सैटियागो, चिली
- रोम, इटली
- वियना, ऑस्ट्रिया
- लागोस, नाईजीरिया
- एम्स्टर्डम, नीदरलैंड
- काराकास, वेनेजुएला
- लीमा, पेरू
- मांट्रियल, कनाडा
- ब्रुसेल्स, बेल्जियम
- सैन साल्वाडोर, al साल्वाडोर
- लिस्बन, पुर्तगाल
- कासाब्लांका, मोरक्को
- जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका
- मेक्सिको सिटी, मेक्सिको
- डबलिन, आयरलैंड
- अल्जीयर्स, अल्जीरिया
- मैड्रिड, स्पेन
- वाशिंगटन डीसी, अमेरिका
- रियो डी जनेरियो, ब्राजील
- प्राग, चेकिया
- ब्यूनस आयर्स, अर्जेटीना
- ग्वाटेमाला सिटी, ग्वाटेमाला
- सैंटो डोमिंगो, डोमिनिकन रिपब्लिक
- जगरेब, क्रोएशिया
- हवाना, क्यूबा
- बुडापेस्ट, हंगरी
- लंदन, यूनाईटेड किंगडम
इन शहरों की सूचि में अलग-अलग स्थानों पर ग्रहण की अवधि और दिखाई देने वाला चरण अलग हो सकता हैं| स्थानीय चंद्रोदय-चंद्रास्त और मौसम भी दृश्यता को प्रभावित करेंगे|
इतना खास क्यों हैं 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण?
28 अगस्त का चंद्र ग्रहण इसलिए खास हैं क्योंकि यह एक बहुत गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा| NASA के अनुसार ग्रहण के चरण पर चंद्रमा का लगभग 96.3 प्रतिशत क्षेत्र पृथ्वी की Umbra में चला जाएगा| हालांकि चंद्रमा का पूरा हिस्सा Umbra में नहीं जाएगा, इसलिए इसे पूर्व चंद्र ग्रहण नहीं कहा जाएगा|
आंशिक ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा के केवल एक हिस्से को ढकती हैं| इस दौरान चंद्रमा का एक छोटा चमकीला हिस्सा दिखाई देता रह सकता हैं|
चंद्रमा लाल या नारंगी क्यों दिखाई दे सकता हैं?
चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का कुछ हिस्सा लाल, नारंगी या तांबे जैसा दिखाई दे सकता हैं| इसका करना पृथ्वी का वायुमंडल हैं|
जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरता हैं, तो छोटी तरंगदैर्ध्य वाली नीली रोशनी ज्यादा बिखर जाती हैं, जबकि लाल और नारंगी प्रकाश का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में पहुँच सकता हैं| इसी वजह से ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग सामान्य पूर्णिमा की तुलना में अलग दिखाई दे सकता हैं|
हालांकि हर स्थान पर रंग एक जैसा नहीं दिखेगा| वायुमंडल में धुल, बादल और अन्य परिस्थितियाँ भी चंद्रमा के रंग को प्रभावित कर सकती हैं|
क्या इसे देखने के लिए खास चश्मे की जरूरत हैं?
चंद्र ग्रहण को देखना सूर्य ग्रहण की तरह आँखों के लिए खतरनाक नहीं होता| NASA के अनुसार चंद्र ग्रहण को सामान्य रूप से नंगी आँखों से देखा जा सकता हैं|
अच्छी दृश्यता के लिए साफ आसमान और खुला स्थान पर्याप्त हैं| दूरबीन या बाईनोक्युलर से चंद्रमा की शत और पृथ्वी की छाया का प्रभाव ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकता हैं|
2026 का यह आखिरी चंद्र ग्रहण क्यों महत्वपूर्ण हैं?
NASA के अनुसार 2026 में दो चंद्र ग्रहण होंगे| पहला 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्र ग्रहण था और दूसरा 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा| इसलिए अगस्त वाला ग्रहण इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण हैं|
इसके बाद अगला चंद्र ग्रहण 2027 में होगा, जो 20 फरवरी को उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा|
निष्कर्ष:-
28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण साल की महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक होगा| यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की Umbra में आ जाएगा|
भारतीय समय के अनुसार इसका वैश्विक अधिकतम चरण करीब सुबह 9:43 बजे होगा, लेकिन भारत से यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा| दूसरी ओर न्यूयार्क, पेरिस, लंदन, बर्लिन, रोम और कई अन्य शहरों में इसे अलग-अलग समय पर देखा जा सकेगा|
इस खगोलीय घटना की सबसे ख़ास बात यह होगी कि पूर्ण चंद्र ग्रहण न होने के बावजूद चंद्रमा का बहुत बड़ा हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाएगा| साफ़ मौसम होने पर दुनिया के कई हिस्सों में यह बेहद आकर्षक नजारा देखने को मिल सकता हैं|
