राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026:
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में राधा राजेश का नाम
शिक्षा केवल किताबों में लिखे तथ्यों को याद करने का नाम नहीं हैं| जब किसी विषय को वास्तविक जीवन की घटनाओं से जोड़कर समझाया जाता हैं, तो वह लंबे समय तक याद रहता हैं| इसी सोच को अपनी कक्षा में अपनाने वाली Biology शिक्षिका राधा राजेश को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया हैं| वह CISCE का प्रतिनिधित्व करने वाली 48 चयनित स्कुल शिक्षकों में शामिल हैं| राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में यह पुरस्कार प्रदान करेंगी|
राधा राजेश बेगलुरु के इंदिरानगर स्थित New Horizon Public School में Biology की शिक्षिका और विभागाध्यक्ष हैं| उनकी खासियत यह हैं कि कठिन वैज्ञानिक अवधारणाओं को विद्यार्थियों की रोजमर्रा की समझ और वास्तविक जीवन की घटनाओं से जोड़कर पढ़ाती हैं|
Parkinson’s से Biology समझाने का अनोखा तरीका
Biology में मानव तंत्रिका तंत्र और synaptic connections जैसे विषय कई विद्यार्थियों को कठिन लग सकते हैं| राधा राजेश ऐसे अध्यायों को केवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषाओं तक सीमित नहीं रखतीं|
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नर्वस सिस्टम पढ़ाते समय उन्होंने अपने पिता के Parkinson’s रोग से जुड़े अनुभव को उदहारण के रूप में इस्तेमाल किया| इससे विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती हैं कि किताब में पढ़ी गई वैज्ञानिक प्रक्रिया वास्तविक जीवन में किस तरह दिखाई दे सकती हैं|
उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए उत्तर याद करवाना नहीं, बल्कि यह समझाना हैं की Biology मानव जीवन और स्वास्थ्य को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं|
Messi की कहानी से Growth Hormone की पढ़ाई
राधा राजेश की teaching methodology का एक और दिलचस्प उदाहरण फुटबॉल स्टार Lionel Messi से जुड़ा हैं|
जब वह pituitary gland और growth hormone जैसे विषय पढ़ाती हैं, तो Messi के बचपन में growth hormone deficiency से जुड़े अनुभव को एक real-life reference के रूप में इस्तेमाल करती हैं| इससे विद्यार्थियों को hormone से संबंधित वैज्ञानिक अवधारणाओं को किसी प्रसिद्ध और परिचित व्यक्ति की कहानी के माध्यम से समझने का अवसर मिलता हैं|
इसी तरह traumatic brain injury से जुड़े पाठों में वह Michael Schumacher की skiing accident से जुड़ी घटना को संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल कर चुकी हैं|
इस तरह उनकी कक्षा में Biology केवल किताब का अध्याय नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों को आसपास की दुनिया और वास्तविक घटनाओं से जोड़ने वाला विषय बन जाती हैं|
राधा राजेश का शिक्षक बनने का सफर
राधा राजेश के लिए शिक्षण कोई अचानक चुना गया करियर नहीं था| उनका परिवार भी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा हैं| उनके दादा, माँ, चची और चाचा शिक्षक रहे हैं| बचपन से ही उन्होंने देखा कि एक शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और जिज्ञासा को भी विकसित कर सकता हैं|
बाद में उन्होंने समुदाय के माध्यम से वंचित बच्चों को स्वेच्छा से पढ़ाना शुरू किया| बच्चों को किसी कठिन अवधारणा को समझने के बाद उत्साहित होते देख उन्हें शिक्षण के महत्व का अनुभव हुआ|
इसके बाद एक parent-teacher interaction से जुड़ी बातचीत ने उन्हें पेशेवर रूप से teaching को अपनाने का आत्मविश्वास दिया| मई 2014 में उन्होंने New Horizon Public School में काम शुरू किया| समय के साथ वह Biology teacher से mentor और फिर Head of Department की भूमिका तक पहुँचीं|
सिर्फ नंबर नहीं, जिज्ञासा हैं सफलता की पहचान
राधा राजेश के अनुसार एक अच्छे शिक्षक की सफलता केवल इस बात से तय नहीं होनी चाहिए कि विद्यार्थियों ने परीक्षा में कितने अंक हासिल किए|
उनका मानना हैं कि असली सफलता तब दिखाई देती हैं जब कोई विद्यार्थी खुद सवाल पूछना शुरू करे, किसी विषय पर स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाए और यह सोचे कि सीखे हुए ज्ञान का इस्तेमाल समाज के लिए किस तरह किया जा सकता हैं|
इसी कारण उनकी कक्षाओं में विद्यार्थियों को सवाल पूछने, चर्चा करने और विषय को अलग-अलग दृष्टिकोण से समझने के अवसर मिलते हैं|
उनकी teaching pholisophy का मुख्य उद्देश्य बच्चो में curiocity, critical thinking और research mindset विकसित करना हैं|
Technology का भी करती हैं इस्तेमाल
आज के डिजिटल दौर में बच्चों का ध्यान बनाए रखना शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं| राधा राजेश इस चुनौती का सामना technology और traditional teaching के संतुलित इस्तेमाल से करती हैं|
वह Biology पढ़ाने के लिए animations, simulations, virtual laboratories, smart boards और interactive quizzes जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करती हैं| इसके साथ ही project-based activities, hands-on learning, field trips और problem-solving exercises भी उनकी teaching का हिस्सा हैं|
उनका मानना हैं कि technology का उद्देश्य शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समझ की जगह लेना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समझ और जिज्ञासा को बढ़ाना होना चाहिए|
AI को लेकर भी स्पष्ट है सोच
artificial Intelligence के बढ़ते इस्तेमाल के बीच राधा राजेश विद्यार्थियों को केवल technology का उपयोग करना नहीं, बल्कि उससे मिलने वाली जानकारी का मुल्यांकन करना भी सिखाना चाहती हैं|
उनकी सोच हैं कि AI को मानव सोच का विकल्प बनाने के बजाय creativity, curiosity और deeper enquiry को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए|
आज इंटरनेट पर कुछ ही सेकंड में बड़ी मात्रा में जानकारी उपलब्ध हो जाती हैं| ऐसे में विद्यार्थियों के लिए यह समझाना ज़रूरी हैं कि हर उपलब्ध जानकारी सही या विश्वसनीय नहीं होती| इसलिए वह बच्चों में जानकारी को जाँचने और उसका विश्लेषण करने की आदत विकसित करने पर जोर देती हैं|
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से पहले भी मिल चुके हैं सम्मान
National Teacher’s Award 2026 राधा राजेश की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण नाम हैं, लेकिन यह उनका पहला सम्मान नहीं हैं|
उन्होंने U.R. Rao Satellite Centre, ISRO की ओर से आयोजित Teachers’ Insight Award में 2022, 2024, 2025 और 2026 में पहला स्थान हासिल किया| इसके अलावा उन्हें 2023 में Educator of Excellence Award भी मिला था|
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का सफर इससे भी पहले शुरू हो चूका था| 1996-97 में उन्हें भारत सरकार के Department of Biotechnology की ओर से academic merit और biotechnology में रूचि के आधार पर Biotechnology Scholarship मिली थी|
निष्कर्ष:-
राधा राजेश की कहानी बताती हैं कि Biology जैसे विषय को भी अगर वास्तविक जीवन से जोड़कर पढ़ाया जाए तो वह विद्यार्थियों के लिए बेहद रोचक बन सकता हैं| Parkinson’s से nervous system, Messi के बचपन के अनुभव से growth hormone और वास्तविक घटनाओं से अन्य वैज्ञानिक अवधारणाओं को जोड़ना उनकी teaching style को अलग पहचान देता हैं|
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि केवल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सवाल पूछने, सीखने और अपने ज्ञान का समाज में उपयोग करने की इच्छा पैदा करना हैं|
एक शिक्षक का प्रभाव हमेशा परीक्षा के परिमाण में दिखाई नहीं देता| कई बार उसका असर वर्षो बाद किसी विद्यार्थी के फैसले, करियर और सोच में दिखाई देता हैं| राधा राजेश की शिक्षण यात्रा इसी विचार का उदाहरण हैं की एक अच्छा शिक्षक केवल विषय नहीं पढ़ाता, बल्कि विद्यार्थियों को सीखने और खुद पर विश्वास करने की दिशा भी दिखाता हैं|
