हरी मूंग दाल के लड्डू:
आजकल लोग ऐसी मिठाईयों की तलाश में रहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ रोजमर्रा की डाइट में भी आसानी से शामिल की जा सकें| खासकर जब बात घर की बनी मिठाई की हो, तो लोग कम चीनी और पौष्टिक सामग्री वाले विकल्प पसंद करते हैं| इसी तरह का एक आसान विकल्प हैं हरी मूंग दाल के लड्डू|
हरी मूंग दाल प्रोटीन, फाइबर और कई ज़रूरी पोषक तत्वों का स्रोत मनी जाती हैं| इससे तैयार किए गए लड्डू सामान्य मिठाईयों से अलग होते हैं और इन्हें अपनी पसंद के अनुसार प्राकृतिक मिठास वाली सामग्री के साथ बनाया जा सकता हैं| खास बात यह हैं कि इस रेसिपी में चीनी या गुड़ डालना ज़रूरी नहीं हैं| मिठास के लिए खजूर, किशमिश या अन्य उपयुक्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता हैं|
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हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी हैं कि बिना चीनी या गुड़ के बनाएं गए लड्डू भी पूरी तरह “शुगर-फ्री” नहीं माने जा सकते, अगर इनमें खजूर या किशमिश जैसी प्राकृतिक रूप से मीठी चीजें डाली गई हों|
हरी मूंग दाल के लड्डू क्यों हैं खास?
हरी मूंग दाल भारतीय खान-पान का एक लोकप्रिय हिस्सा हैं| इसमें पौधों से मिलने वाला प्रोटीन और आहार फाइबर पाया जाता हैं| इसके अलावा इसमें फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं|
जब हरी मूंग को भूनकर और पीसकर लड्डू बनाए जाते हैं, तो इसका स्वाद भी काफी अच्छा हो जाता हैं| इसमें बादाम, काजू, अखरोट या बीज मिलाने से लड्डू की बनावट और स्वाद दोनों बेहतर हो सकते हैं|
हरी मूंग दाल के लड्डू बनाने के लिए सामग्री
लगभग 12 से 12 छोटे लड्डू बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी:
- 1 कप साबुत हरी मूंग दाल
- 8 से 10 खजूर या स्वादानुसार किशमिश
- 2 से 3 बड़े चम्मच घी
- 8 से 10 बादाम
- 5 से 6 काजू
- 1 बड़ा चम्मच तिल या अलसी के बीज
- आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- 1 से 2 बड़े चम्मच दूध, जरूरत के अनुसार
अगर आप खजूर या किशमिश का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो अपनी पसंद के अनुसार दूसरी मिठास वाली सामग्री चुन सकते हैं|
हरी मूंग दाल के लड्डू बनाने की आसान विधि
1. मूंग दाल को साफ़ करें
सबसे पहले हरी मूंग दाल को अच्छी तरह साफ़ कर लें| इसमें मौजूद कंकड़ या अन्य अशुद्धियाँ निकाल दें| इसके बाद दाल को पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें|
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लड्डू बनाने के लिए दाल में अतिरिक्त नमी नहीं होनी चाहिए, इसलिए अगर आपने इसे धोया हैं तो कुछ समय के लिए फैलाकर सुखाना बेहतर रहेगा|
2. दालें को भुनें
अब एक भारी तले वाली कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करें| इसमें हरी मूंग डालकर लगातार चलाते हुए भुनें|
दाल को तब तक भुनें जब तक उसमें से हल्की खुशबू आने न लगे और उसका रंग थोड़ा बदल जाए| तेज आंच पर भूनने से दाल जल सकती हैं और लड्डू में कड़वाहट आ सकती हैं|
इसलिए इस पूरी प्रक्रिया में धीमी या मध्यम आंच रखना बेहतर हैं|
3. मूंग को ठंडा करकें पिसें
भुनी हुई मूंग को प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें| इसके बाद इसे मिक्सर में डालकर बारीक़ पीस लें|
आप चाहें तो इसे बहुत ज्यादा बारीक़ करने के बजाय हल्का दरदरा भी रख सकते हैं| इससे लड्डू में अच्छा टेक्सचर आएगा|
4. मेवे तैयार करें
अब बादाम, काजू और अपनी पसंद के दुसरे मेवों को छोटे टुकड़ों में काट लें| इन्हें हल्का भूनकर भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं|
अगर आप तिल या अलसी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें भी हल्का भुन सकते हैं|
5. खजूर तैयार करें
खजूर के बीज निकालकर उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें| अगर खजूर बहुत सख्त हैं तो थोड़े समय के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर नरम किया जा सकता हैं|
इसके बाद इसे पीसकर पेस्ट जैसा बना लें|
6. मिश्रण तैयार करें
अब कड़ाही में 1 से 2 बड़े चम्मच घी डालकर उसमें पीसी हुई मूंग डालें| इसे कुछ मिनट धीमी आंच पर चलाते हुए भुनें|
इसके बाद इसमें कटे हुए मेवे, तिल या अलसी और इलायची पाउडर डाल दें|
अब खजूर का पेस्ट डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें|
अगर मिश्रण बहुत सुखा लग रहा हैं तो थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर इसे बांधने लायक बनाया जा सकता हैं| दूध डालने के बाद लड्डू को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने के बजाय जल्दी इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा|
7. लड्डू बनाएं
मिश्रण ठंडा होने दें| जब यह हाथ से संभालने लायक गर्म रहें, तब हथेली पर थोड़ा घी लगाकर छोटे-छोटे हिस्से लें और गोल आकार में लड्डू बना लें|
इन्हें कुछ देर प्लेट में रखकर सेट होने दें|
आप चाहें तो ऊपर से थोड़ा तिल, नारियल या कटे हुए मेवे भी लगा सकते हैं|
क्या सच में इसमें चीनी और गुड की जरूरत नहीं?
इस रेसिपी की खासियत यही हैं कि इसमें मिठास के लिए चीनी या गुड ज़रूरी नहीं हैं| खजूर और किशमिश जैसी सामग्री प्राकृतिक मिठास प्रदान कर सकती हैं|
लेकिन यहाँ एक बात समझना ज़रूरी हैं कि प्राकृतिक मिठास का मतलब यह नहीं हैं कि उसमें शर्करा बिल्कुल नहीं होती| खजूर और किशमिश में भी प्राकृतिक शर्करा होती हैं|
इसलिए अगर कोई व्यक्ति चिकित्सकीय कारणों से शुगर या कार्बोहाइड्रेट का सेवन सीमित कर रहा हैं, तो इसे मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेनी चाहिए|
हरी मूंग से बने लड्डू के न्स्भावित फायदे
हरी मूंग में प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं| मेवों को शामिल करने पर इसमें स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व भी जुड़ जाते हैं|
1. प्रोटीन का अच्छा स्रोत
हरी मूंग पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का स्रोत हैं| इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता हैं|
2. फाइबर मिलता हैं
हरी मूंग में आहार फाइबर पाया जाता हैं, जो सामान्य पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता हैं|
3. लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता हैं
प्रोटीन और फाइबर वाले खाद्य पदार्थ सामान्य तौर पर पेट को कुछ समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं|
4. मेवों से पोषण बढ़ता हैं
बादाम, काजू और बीज मिलाने से लड्डू में अलग-अलग पोषक तत्व और स्वाद शामिल हो जाते हैं|
लड्डू बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
हरी मूंग के लड्डू बनाते समय कुछ छोटी गलतियाँ स्वाद खराब कर सकती हैं|
सबसे पहले मूंग को तेज आंच पर न भुने| दाल जलने पर उसका स्वाद कड़वा हो सकता हैं|
दूसरा, लड्डू में अभूत अधिक घी डालने से मिश्रण जरूरत से ज्यादा चिकना हो सकता हैं| इसलिए घी धीरे-धीरे डालें|
तीसरा, अगर दूध का इस्तेमाल किया हैं तो लड्डुओं को लंबे समय तक बाहर रखने से बचें और उचित तरीके से स्टोर करें|
चौथा, खजूर या किशमिश डालने से अफ्ले उनकी मात्रा अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार रखें|
कितने लड्डू खाने चाहिए?
लड्डू पौष्टिक सामग्री से बने हों, फिर भी उन्हें संतुलित मात्रा में ही खाना बेहतर हैं| मूंग, मेवे, घी और खजूर सभी ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए इसे भोजन का विकल्प मानने के बजाय संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में लेना चाहिए|
हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती हैं| बच्चों, बजुर्गो या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति के लिए मात्रा अलग हो सकती हैं|
इन्हें कैसे स्टोर करें?
अगर लड्डू में दूध नहीं डाला गया हैं, तो उन्हें साफ और सूखे एयरटाईट कंटेनर में रखा जा सकता हैं| गर्म और नमी वाली जगह से बचाना बेहतर हैं|
अगर मिश्रण में दूध या कोई जल्दी खराब होने वाली सामग्री डाली गई हैं, तो इन्हें रेफ्रीजरेटर में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हैं|
हमेशा लड्डुओं की गंध, स्वाद और बनावट देखकर ही सेवन करें| खराब होने के संकते मिलने पर उन्हें न खाएं|
निष्कर्ष:-
हरी मूंग दाल से तैयार किए गए लड्डू पर्न्र्पिक मिठाईयों से अलग एक पौष्टिक विकल्प हो सकते हैं| इन्हें बनाने में हरी मूंग, मेवे, बीज, घी और प्राकृतिक रूप से मीठी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता हैं| सबसे अच्छी बात यह हैं कि स्वाद के अनुसार इसमें अलग-अलग सामग्री को कम या ज्यादा किया जा सकता हैं|
हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज का किसी खास स्वास्थ्य समस्या का समाधान नहीं समझना चाहिए| पौष्टिक भोजन की संतुलित मात्रा में ही लेना बेहतर होता हैं|
अगर आप घर पर कुछ अलग, स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर मिठाई बनाना चाहते हैं, तो हरी मूंग डाल के ये लड्डू एक आसान विकल्प हो सकते हैं|
FAQs:-
Q 1. क्या हरी मूंग दाल से लड्डू बनाए जा सकते हैं?
हाँ, भुनी हुई हरी मूंग दाल को पीसकर मेवे और अपनी पसंद की मिठास वाली सामग्री के साथ स्वादिष्ट लड्डू बनाए जा सकते हैं|
