खान सर के संस्थान पर फायर सेफ्टी का शिकंजा, जाँच में मिलीं बड़ी कमियां….

खान सर के संस्थान पर फायर सेफ्टी का शिकंजा

पटना के चर्चित शिक्षक और और यूट्यूबर Khan Sir एक बार फिर सुर्खियों में हैं| हाल ही में फायरिंग मामले और क़ानूनी विवादों के बीच अब उनके कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) पर फायर सेफ्टी नियमों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं| बिहार अग्निशमन विभाग द्वारा किए गए विशेष निरिक्षण में संस्थान में कई सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गई हैं| इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया हैं|

पूरा मामला क्या हैं?

पिछले कुछ दिनों से खान सर का संस्थान कई कारणों से चर्चा में बना हुआ हैं| एक ओर संथान के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा के मामले की जाँच चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार फायर सर्विस ने संथान की सुरक्षा व्यवस्था का निरिक्षण किया| इस जाँच का उद्देश्य यह देखना था कि कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले हजारों छात्रो की सुरक्षा के लिए आवश्यक अग्निशमन मनको का पालन किया जा रहा हैं या नहीं|

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जाँच में क्या-क्या कमियां मिलीं?

फायर ऑडिट के दौरान अधिकारीयों ने कई महत्वपूर्ण कमियों की पहचान की| रिपोर्ट के अनुसार संस्थान में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं पाई गई| अधिकारीयों ने बताया कि भवन में फायर अलार्म सिस्टम नहीं था, फायर पंप की व्यवस्था भी नहीं मिली और पानी के टैंक की क्षमता निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई|

इसके अलावा कुछ अन्य सुरक्षा उपकरण भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए| अधिकारीयों का कहना हैं कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों वाले संस्थान में सुरक्षा मनको का पालन बेहद ज़रूरी हैं|

नोटिस जारी, एक सप्ताह का समय

फायर विभाग ने जाँच के बाद संस्थान को नोटिस जारी किया हैं| विभाग ने निर्देश दिया हैं कि सभी कमियों को तय समय सीमा के भीतर दूर किया जाए| अधिकारीयों ने चेतावनी दी हैं कि यदि निर्धारित अवधि में अनावश्यक सुधार नही किए गए तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती हैं|

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जाँच अधिकारीयों के अनुसार यह कार्रवाई केवल खान ग्लोबल स्टडीज तक सीमित नहीं हैं| राज्यभर में बड़े शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों की भी फायर सेफ्टी जाँच की जा रही हैं|

क्यों बढ़ी फायर सेफ्टी जाँच?

बिहार सरकार ने हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई आग घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढाई हैं| इसी कर्म में राज्य के कई कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और व्यावसायिक भवनों का निरिक्षण किया जा रहा हैं| अधिकारीयों का कहना हैं कि यह अभियान छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा हैं|

फायरिंग विवाद के बीच बढ़ी मुश्किलें

खान सर पहले से ही फायरिंग मामले को लेकर चर्चा में हैं| संस्थान के बाहर हुई हिंसा और गोलीबारी के मामले में पुलिस जाँच जारी हैं| इसी दौरान फायर सेफ्टी ऑडिट में सामने आई कमियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं| हालांकि अदालत से उन्हें गिरफ्तारी के मामले में अंतरिम राहत मिल चुकी हैं|

क़ानूनी विशेषज्ञों का मानना हैं कि फायर सेफ्टी जाँच और फायरिंग मामले की जाँच अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, लेकिन दोनों मामलों के सक साथ सामने आने से संस्थान पर प्रशासनिक दबाव बढ़ गया हैं|

छात्रों और अभिभावकों की चिंता

इस पुरे घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई हैं| कई लोग चाहते हैं कि संस्थान में सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके| वहीं खान सर के समर्थकों का कहना हैं कि संस्थान जल्द ही सभी आवश्यक सुधार कर लेगा|

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संस्थान की ओर से क्या कहा गया?

फायर विभाग की कार्रवाई के बाद संस्थान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि विभाग द्वारा बताई गई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे| अधिकारीयों द्वारा जारी नोटिस के अनुसार संस्थान को समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी देनी होगी|

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर इस बात पर हैं कि संस्थान निर्धारित समय के भीतर फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियों को दूर कर पाता हैं या नहीं| यदि सुधार कार्य पुरे कर लिए जाते हैं तो मामला सामान्य हो सकता हैं| लेकिन यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासन आगे की कार्रवाई कर सकता हैं|

निष्कर्ष:-

खान सर के संस्थान पर हुई फायर सेफ्टी जाँच ने एक बार फिर छात्र सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन की बहस को तेज कर दिया हैं| जाँच में मिली कमियों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया हैं और संस्थान को सुधार का मौका दिया हैं| आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि संस्थान सभी आवश्यक मानकों को पूरा कर पाता हैं या नहीं| फ़िलहाल यह मामला बिहार के शिक्षा जगत में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ हैं|

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