उत्तर प्रदेश का डिजिटल परिवर्तन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आंगनवाड़ी

लखनऊ, 30 मार्च, 2026:-
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मिशन शक्ति और बाल विकास सेवा के अंतर्गत एक एतिहासिक कदम उठाया हैं| राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक विशेष राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ‘डिजिटल आर्मी’ यानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए 69, 794 स्मार्टफोन वितरित किए| इसके साथ ही, हजारों नवनियुक्ति कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और उनके लंबे समय से प्रतीक्षित मानदेय (Honorarium) में वृद्धि का बड़ा एलान किया गया|
यह कार्यक्रम केवल उपकरणों के वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को कुपोषण मुक्त और तकनीक-सक्षम राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं|
1. डिजिटल इंडिया के सपने को धरातल पर उतरती योगी सरकार:-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा की “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हमारे समाज की वो नींव हैं, जो आने वाली पीढ़ी यानी हमारे बच्चों के स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा की रक्षा करती हैं|” स्मार्टफोन वितरण की यह योजना ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के विजन का हिस्सा हैं|
स्मार्टफोन वितरण के मुख्य आंकड़े:-
- स्मार्टफोन की कुल संख्या:- 69,794 (प्रथम चरण में)
- स्टेडियोमीटर (लंबाई मापने का यंत्र):- 1,33,282
- इंफान्टोमीटर (शिशुओं के लिए):- 10,553
- वजन तौलने की मशीनें (डिजिटल):- 58,237
इन उपकरणों के माध्यम से अब यूपी के 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर डेटा का प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल होगा| पहले जो काम भारी-भरकम रजिस्टरों में घंटों लगाकर किया जाता था, अब वह मात्र कुछ क्लिक्स में ‘पोषण ट्रैकर’ एप पर अपडेट हो जाएगा|
2. मानदेय में वृद्धि: कार्यकर्ताओं के सम्मान में बड़ा फैसला:-
उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एक पुरानी मांग उनके मानदेय को लेकर थी| आज मुख्यमंत्री ने इस पर विराम लगाते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार उनके मासिक मानदेय में विशेष प्रोत्साहन राशि और मूल वेतन में वृद्धि कर रही हैं|
मानदेय वृद्धि के मुख्य बिंदु:-
- राज्य सरकार का अंश:- केंद्र सरकार के अंश के अलावा, यूपी सरकार ने अपने बजट से मानदेय में अतिरिक्त बढ़ोतरी की हैं|
- प्रोत्साहन राशि (Incentive):- जो कार्यकर्ता डिजिटल फीडिंग और समय पर टीकाकरण का डेटा दर्ज करेंगी, उन्हें अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा|
- समय पर भुगतान:- अब मानदेय का भुगतान सीधे कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी|
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हमारी सरकार ने पिछले कार्यकाल में भी मानदेय बढ़ाया था और भविष्य में भी हम कार्यकर्ताओं की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं|”
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3. नियुक्ति पत्र वितरण: युवाओं को मिला रोजगार का अवसर:-
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया पूरी करने वाले हजारों अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए| यह नियुक्तियां पारदर्शी चयन प्रणाली के तहत की गई हैं, जिसमें मेरिट और आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन किया गया हैं|
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की, “आपका कार्य केवल एक सरकारी नौकरी नहीं हैं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य हैं| एक स्वस्थ बच्चा ही कल के समर्थ भारत का निर्माण करेगा|”
4. कुपोषण के खिलाफ जंग: ‘पोषण ट्रैकर’ बनेगा हथियार:-
स्मार्टफोन मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश में ‘पोषण अभियान’ को नई गति मिलेगी| ‘पोषण ट्रैकर’ एप के माध्यम से सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करेगी:
- Real-time Monitoring:- लखनऊ में बैठा अधिकारी यह देख सकेगा कि किस गांव में किस बच्चे का वजन कम हैं और उसे किस प्रकार की मदद की आवश्यकता हैं|
- राशन की पारदर्शिता:- पुष्टाहार (राशन) वितरण में होने वाली धांधली अब स्मार्टफोन के माध्यम से ओटिपी आधारित होगी, जिससे पात्रों को ही राशन मिले|
- गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग:- गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी अब डिजिटल कार्ड के जरिए होगी|
5. इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलाव: स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र:-
योगी सरकार ने केवल स्मार्टफोन ही नहीं दिए, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प (Revamp) की योजना भी पेश की|
- कन्वर्टेड स्कुल:- अब आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों के साथ जोड़कर उन्हें ‘प्री-प्राईमरी’ की शक्ल दी जा रही हैं|
- स्वच्छ पेयजल और सौचालय:- हर केंद्र पर पाइप से पानी और आधुनिक शौचालयों का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा हैं|
- लर्निंग किट:- बच्चों को पढ़ाने के लिए आधुनिक खिलौने और डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था की जा रही हैं|
6. विशेषज्ञों की राय और सामाजिक प्रभाव:-
समाजशास्त्रियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना हैं कि स्मार्टफोन वितरण से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सामाजिक कद बढ़ेगा| जब एक कार्यकर्ता स्मार्टफोन लेकर गांव के किसी घर में जाती हैं, तो उसे आधुनिक और जागरूक माना जाता हैं| इससे सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों का विश्वास बढ़ता हैं|
आंकड़ों में सुधार की उम्मीद:-
विशेषज्ञों के अनुसार, इस डिजिटल पहल से अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुपोषण की दर में 15%से 20% तक की कमी आने की संभावना हैं| साथ ही, टीकाकरण की दर में भी अप्रत्याशित वृद्धि देखि जाएगी|
7. मुख्यमंत्री का संदेश: “सशक्त महिला, समर्थ प्रदेश”:-
योजी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के समापन में कहा कि “जब महिला सशक्त होगी, तभी परिवार और समाज सशक्त होगा|” स्मार्टफोन वितरण केवल एक गैजेट देना नहीं हैं, बल्कि यह उन महिलाओं के हाथ में ‘शक्ति’ देना हैं जो समाज के सबसे निचले तबके तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाती हैं|
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि पिछली सरकारों में स्मार्टफोन या लैपटॉप वितरण में घोटाले होते थे, लेकिन आज की सरकार सीधे पात्रों के हाथ में सामान पहुंचा रही हैं|
- आज का यह आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूम में याद किया जाएगा| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का जो संगम दिखाया हैं, वह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल हैं| अब गेंद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पाले में हैं कि वे इन आधुनिक कार्यकर्ताओं के पाले में हैं कि वे इन आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ से ‘स्वस्थ प्रदेश’ की ओर ले जाएँ|