LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल: रसोई का बजट बिगड़ा, जानें आपके शहर में अब क्या हैं दाम?

नई दिल्ली/मुंबई| 7 मार्च 2026 

LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल:

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आई अस्थिरता का सीधा असर अब भारतीय रसोई पर पड़ने लगा हैं| तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई दरें जारी कर दी हैं, जिसमें भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं|

1. कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी?:-

आज से लागू हुई नई दरो के अनुसार, प्रति सिलेंडर की कीमतों में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

  • घरेलू LPG (14.2kg): इसमें रु.60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई हैं|
  • कमर्शियल LPG (19 kg): होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले इस सिलेंडर के दाम में रु.115 की भारी वृद्धि हुई हैं|

इस बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में एक घरेलू सिलेंडर की कीमत अब रु.1,000 के पार पहुँचने के करीब हैं, जबकि कई राज्यों में यह पहले ही रु.1,100 के आंकड़े को छू रही हैं|

2. क्यों बढ़ रहे हैं दाम? (प्रमुख कारण):-

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गैस की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  • मिडिल ईस्ट संकट: इसरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हुई हैं| लाल सागर (Red Sea) के रास्ते होने वाली शिपिंग महंगी हो गई हैं|
  • डॉलर की मजबूती: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ हैं, जिससे गैस का आयात (Import) महंगा हो गया हैं|
  • सर्दियों की मांग: यूरोप और उत्तरी गोलार्ध के देशों में हिटिंग के लिए गैस की मांग बढ़ने से वैश्विक स्तर पर इन्वेंट्री कम हुई हैं|
3. प्रमुख शहरों में आज के दाम (अनुमानित):-

शहर        घरेलू सिलेंडर(14.2kg)

दिल्ली – रु.965.50

मुंबई- रु.962.00

कोलकाता –रु.991.50

चेन्नई- रु.981.00

पटना- रु.1,055.00

4. आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर असर:-

LPG के दाम बढ़ने का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता हैं:

(1). मिडिल क्लास पर बोझ: मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए महीने का बजट संतुलित करना मुश्किल हो गया हैं| रु.60 की बढ़ोतरी सीधे तौर पर मासिक बचत पर चोट करती हैं|

(2). बाहर का खाना महंगा: कमर्शियल सिलेंडर के दाम रु.115 बढ़ने से रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फ़ूड वेडर्स के लिए लागत बढ़ गई हैं| जल्द ही थाली और नाश्ते की कीमतों में 5-10% की वृद्धि देखी जा सकती हैं|

(3). महंगाई (Inflation): ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता हैं, जिससे थोक महंगाई बढ़ सकती हैं|

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5.सरकार और विपक्ष का रुख:-
  • विपक्ष: विपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को “जनता की जेब पर डाका” बताया हैं और मांग की हैं कि अंतर्राष्ट्रीय कीमतों का बोझ आम जनता पर डालने के बजाय सरकार अपनी एक्ससाइज़ ड्यूटी कम करें|
  • सरकार: पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों का कहना हैं कि सरकार कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं और ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के लाभार्थियों को दी जाने वाली सब्सिडी जारी रहेगी ताकि उन पर बोझ कम पड़े|
6. सब्सिडी और उज्ज्वला योजना 2.0: क्या हैं नए नियम और आपको कितनी मिलेगी राहत?

सरकार ने गैस की बढ़ती कीमतों के बीच गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए उज्ज्वला योजना के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं और सब्सिडी की सीमा को स्पष्ट किया हैं|

(क). सब्सिडी का गणित (How much relief?):-

हाल ही में रु.60 की बढ़ोतरी के बाद, सरकार ने सब्सिडी को लेकर निम्नलिखित स्थिति साफ़ की हैं:

  • उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों को प्रति सिलेंडर रु.300 की फिक्स्ड सब्सिडी मिलती रहेगी|
  • उदहारण: अगर दिल्ली में सिलेंडर की कीमत रु.965 हैं, तो उज्ज्वला लाभार्थियों को यह लगभग रु.665 में पड़ेगा|
  • सामान्य ग्राहकों के लिए: सामान्य (Non-Ujjwala) ग्राहकों के लिए फ़िलहाल कोई डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) सब्सिडी बहाल नहीं की गई हैं| उन्हें बाजार भाव (Market Rate) पर ही सिलेंडर खरीदना होगा|

(ख). उज्ज्वला योजना 2.0 के नए नियम (New Rules 2026):-

सरकार ने अब इस योजना का दायरा बढ़ा दिया हैं ताकि अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जा सके:

  • बिना पते के प्रमाण (No Address Proof): प्रवासी मजदूरों (Migrants) के लिए अब पते का प्रमाण देना अनिवार्य नहीं हैं| वे केवल एक ‘Self-Declaration’ (स्व-घोषणा पत्र) देकर नया कनेक्शन ले सकते हैं|
  • ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: धोखाधड़ी रोकने के लिए अब हर लाभार्थी को अपने आधार कार्ड के जरिए Face ID या Fingerprint e-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया हैं| जिन लोगो का KYC अपडेट नहीं हैं, उनकी सब्सिडी रुक सकती हैं|
  • फ्री रिफिल और चूल्हा: योजना के तहत पहले कनेक्शन के साथ पहला 14.2 kg का सिलेंडर और एक हाफ प्लेट (गैस चूल्हा) पूरी तरह मुक्त दिया जाता हैं|

(ग). पात्रता (Eligibility Criteria):-

इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्ते पूरी होनी चाहिए:

1. आवेदक केवल महिला होनी चाहिए (आयु 18 वर्ष से अधिक)|

2. घर में पहले से कोई अन्य LPG कनेक्शन नहीं होना चाहिए|

3. आवेदक SC/ST, अंत्योदय अन्न योजना (AAY), या गरीब ग्रामीण परिवारों की श्रेणी में आता हो|

(घ). सब्सिडी चेक करने का तरीका (How to check Status):-

अगर आपको लगता हैं कि आपकी सब्सिडी बैंक खाते में नहीं आ रही हैं, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:

1. MYlpg.इन वेबसाइट पर जाएँ|

2. अपनी गैस कंपनी (Indane, HP, या Bharat Gas) का चुनाव करें|

3. ‘Give your feedback online’ पर क्लिक करें|

4. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर या LPG ID डालें|

5. यहाँ आपको पिछले 5 ट्रांजेक्शन और सब्सिडी की राशि दिखाई देगी|

(ड़). आम आदमी के लिए ‘बढत टिप्स’:-

बढ़ती कीमतों के बीच गैस बचाने के कुछ तरीके:

  • बर्नर की सफाई: गंदे बर्नर 10% से 15% अधिक गैस की खपत करते हैं|
  • प्रेशर कुकर का उपयोग: खुले बर्तन की तुलना में कुकर 20%गैस बचाता हैं|
  • गिले बर्तन न रखें: बर्तन को पोछकर गैस पर रखने से ईंधन की बचत होती हैं|

निष्कर्ष:- यद्धपि गैस के दाम रु.60 बढ़े हैं, लेकिन उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए रु.300 की सब्सिडी एक बड़ा सहारा हैं| सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक 100% धुँआ-मुक्त रसोई का लक्ष्य हासिल करना हैं|

 

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