लक्ष्मणन मेयप्पन:
भारत के युवा लक्ष्मणन मेयप्पन ने बेहद कम उम्र में वित्त और अकाउंटिंग की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया हैं, जिसने उन्हें दुनियाभर में चर्चा में ला दिया| गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स के अनुसार, Meyyappan Lakshmanan दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं| उन्होंने यह उपलब्धि 16 साल की उम्र में हासिल की थी| गिनीज के रिकॉर्ड में उनका स्थान संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से दर्ज हैं|
उनकी कहानी इसलिए खास हैं क्योंकि जिस उम्र में अधिकतर विद्यार्थी स्कुल की पढ़ाई और आगे की शिक्षा को लेकर योजना बनाते हैं, उसी उम्र में मेयप्पन ने प्रोफेशनल अकाउंटिंग की कठिन पढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया|
कौन हैं लक्ष्मणन मेयप्पन?
लक्ष्मणन मेयप्पन भारतीय मूल के युवा वित्त्र विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में दुबई में रहते हैं| उपलब्ध रिपोर्टो के अनुसार उनका जन्म 11 जनवरी 2005 को हुआ था| गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में दर्ज किया गया हैं|
उनकी उपलब्धि का एक खास पहलु यह हैं कि उन्होंने अपनी प्रोफेशनल पढ़ाई बेहद कम समय में पूरी की| कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनिया के कई हिस्सों में स्कुल और अन्य संस्थान बंद थे, तब मेयप्पन ने उस समय को पढ़ाई और प्रोफेशनल योग्यता हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया|
16 साल की उम्र में बनाया विश्व रिकॉर्ड
गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स के अनुसार, लक्ष्मणन मेयप्पन ने 16 साल 141 दिन की उम्र में सबसे कम उम्र के चार्टर्ड अकाउंटेंट का रिकॉर्ड बनाया| गिनीज के विवरण में उनकी योग्यता से जुड़ी तारीख 30 जून 2021 और स्थान दुबई, संयुक्त अरब अमीरात दर्ज हैं|
गिनीज के रिकॉर्ड पेज पर उन्हें Youngest chartered accountant (male) के रूप में सूचीबद्ध किया गया हैं| इस रिकॉर्ड के अनुसार उनका यह प्रयास व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर दर्ज हुआ|
इस उपलब्धि में कम उम्र में प्रोफेशनल शिक्षा हासिल रकें की उनकी क्षमता को दुनिया के सामने रखा|
महामारी के दौरान शुरू हुई पढ़ाई
लक्ष्मणन की सफलता की कहानी कोविड-19 महामारी के समय से जुड़ी हैं| रिपोर्टो के मुताबिक उन्होंने 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद ACCA योग्यता की दिशा में कदम बढ़ाया|
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उस समय उनकी उम्र करीब 15 साल थी| उन्होंने अकाउंटिंग और वित्त के विषयों को गंभीरता से पढ़ना शुरू किया| सामान्य तौर पर जिन प्रोफेशनल परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को कई वर्षी की तैयारी करनी पड़ती हैं, उन्हें मेयप्पन ने बहुत कम समय में पूरा करने का लक्ष्य बनाया|
Century Financial की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उन्होंने ACCA कार्यक्रम लगभग एक वर्ष में पूरा किया| इसी उपलब्धि के बाद उनकी कम उम्र में हासिल की गई पेशेवर योग्यता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली|
ACCA ने कैसे बदली उनकी राह?
लक्ष्मणन मेयप्पन की सफलता में ACCA यानी Association of Chartered Certified Accountants की पढ़ाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा| यह एक अंतर्राष्ट्रीय प्रोफेशनल अकाउंटिंग योग्यता हैं|
उन्होंने महामारी के दौरान ACCA की पढ़ाई शुरू की और कई परीक्षाओं की तैयारी एक साथ करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े| रिपोर्टो के अनुसार, उन्होंने लगभग एक वर्ष के भीतर यह कार्यक्रम पूरा किया|
उनकी उपलब्धि यह दिखाती हैं कि प्रोफेशनल शिक्षा के लिए केवल उम्र ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और लगातार पढ़ाई भी बड़ी भूमिका निभाती हैं|
रिकॉर्ड मिलने की आधिकारिक पुष्टि
लक्ष्मणन मेयप्पन के बारे में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं| गिनीज ने उन्हें सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में दर्ज किया हैं|
हाल की रिपोर्टो के अनुसार, उन्हें इस रिकॉर्ड की आधिकारिक मान्यता 2026 में मिली| Century Financial ने बताया कि फरवरी 2026 में गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स ने उनकी उपलब्धि को मान्यता दी|
इसलिए यह कहना अधिक सही हैं कि उन्होंने रिकॉर्ड से जुड़ी योग्यता 2021 में हासिल की थी, जबकि उसकी गिनीज मान्यता बाद में सार्वजनिक रूप से सामने आई|
सिर्फ CA रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही उपलब्धि
लक्ष्मणन मेयप्पन की उपलब्धियां केवल इसी विश्व रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं| रिपोर्टो के अनुसार, ACCA के बाद उन्होंने CFA Charter भी हासिल किया|
CFA वित्तीय विश्लेषण और निवेश के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पेशेवर योग्यता मनी जाती हैं| मेयप्पन ने इसके बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और वर्तमान में वित्त से संबंधित मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं|
उनकी शैक्षणिक यात्रा यह दिखाती हैं कि उन्होंने रिकॉर्ड बनाने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया को रोकने के बजाय आगे बढ़ाया|
अब क्या करते हैं लक्ष्मणन?
वर्तमान में लक्ष्मणन मेयप्पन दुबई में वित्तीय क्षेत्र से जुड़े हुए हैं| Century Financial की जानकारी के अनुसार वे कंपनी में Senior Research Analyst के रूप में काम कर रहे हैं|
उनका काम निवेश, रिसर्च, वित्तीय बाजारों के विश्लेषण और रणनीतिक निर्णयों से संबंधित हैं|
इस तरह उनकी भूमिका केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं हैं| उन्होंने कम उम्र में प्राप्त अपनी वित्तीय शिक्षा को वास्तविक काम में भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया हैं|
पढ़ाई के साथ अलग शौक भी रखते हैं
लक्ष्मणन की कहानी का एक दिलचस्प पहलु यह भी हैं कि वित्त की दुनिया में काम करने के अलावा उनकी रूचि घड़ियाँ बनाने और डिजाईन करने में भी हैं|
रिपोर्टो के मुताबिक, वह अपने खाली समय में घड़ियों को डिजाईन और बनाने का काम करते हैं| यह शौक उनके तकनीकी और रचनात्मक पक्ष को भी सामने लाता हैं|
इससे यह भी पता चलता हैं कि रुचियाँ केवल पढ़ाई और नौकरी तक सीमित नहीं हैं|
लक्ष्मणन ने अपनी सफलता के बारे में क्या कहा?
अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मणन ने यह स्पष्ट किया हैं कि उन्होंने योग्यताएं केवल रिकॉर्ड बनाने की दौड़ के तौर पर हासिल नहीं किन| उनका जोर वित्त को वास्तविक जीवन में समझने और ऐसी क्षमताएं विकसित करने पर रहा, जो लंबे समय तक काम आएं|
उनके अनुसार सीखने की प्रक्रिया केवल तेजी से परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए| जिज्ञासा और विषय को समझने की इच्छा सीखने को ज्यादा प्रभावी बनाती हैं|
उनकी यह सोच उनकी उपलब्धि को और खास बनाती हैं, क्योंकि विश्व रिकॉर्ड के बावजूद उनका ध्यान केवल उम्र के आंकड़े पर नहीं बल्कि ज्ञान और कौशल पर हैं|
युवा विद्यार्थियों के लिए क्या सीख?
लक्ष्मणन मेयप्पन की कहानी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हो सकती हैं| उनकी सफलता से यह संदेश मिलता हैं कि यदि किसी विषय में रूचि हो और लगातार मेहनत की जाए तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं|
हालांकि हर विद्यार्थी की क्षमता, रूचि और सीखने की गति अलग होती हैं| इसलिए किसी रिकॉर्ड को हासिल करने की जल्दबाजी करने के बजाय अपनी पढ़ाई को समझना और अपनी क्षमता के अनुसार ल्स्ख्य बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण हैं|
मेयप्पन का सफर यह भी दिखता हैं कि पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना भविष्य के करियर में मददगार हो सकता हैं|
विश्व रिकॉर्ड ने बढ़ाया भारत का नाम
लक्ष्मणन मेयप्पन भारतीय मूल के ऐसे युवा हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अकाउंटिंग और वित्त के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई हैं| गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में उनका नाम दर्ज होना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ भारतीय युवाओं की प्रतिभा को भी सामने लाता हैं|
उनकी कहानी ख़ास तौर पर इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में एक प्रोफेशनल स्केह्त्र में प्रवेश किया और आगे भी अपनी शिक्षा जारी रखी|
निष्कर्ष:-
लक्ष्मणन मेयप्पन की कहानी असाधारण मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा की मिसाल हैं| 16 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराकर उन्होंने इतिहास रचा|
कोविड महामारी के दौरान शुरू हुई उनकी ACCA यात्रा ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई| इसके बाद CFA Charter हासिल करना, वित्तीय क्षेत्र में काम करना और मास्टर डिग्री की पढ़ाई जारी रखना दिखता हैं कि उनका लक्ष्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि लगातार सीखना हैं|
उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए यह संदेश देती हैं कि सही दिशा, मेहनत और विषय के प्रति रूचि के साथ असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं|
