स्मार्ट बिजली मीटर का ‘बैलेंस गेम’: रिचार्ज के बाद रूपये कटने की असली वजह और समाधान

स्मार्ट बिजली मीटर का ‘बैलेंस गेम’: रिचार्ज के बाद रूपये कटने की असली

स्मार्ट मीटर पर बैलेंस काटने की शिकायत करते हुए व्यक्ति|
प्रीपेड मीटर में बैलेंस गायब? 1912 पर तुरंत करें शिकायत| Photo: AI Generated

आजकल बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेजी से लगाए जा रहे हैं| इसका सबसे बड़ा फायदा यह हैं कि आप जितना रिचार्ज करेंगे, उतनी ही बिजली का उपयोग कर पाएंगे| लेकिन हाल ही में कई उपभोक्ताओं की यह शिकायत सामने आई हैं कि रिचार्ज करने के तुरंत बाद या कुछ ही घंटो में उनका बैलेंस अचानक गायब हो जाता हैं या कम हो जाता हैं|

यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो यह खबर आपकर लिए हैं| यहाँ जानें कि बैलेंस क्यों कटता हैं और आप इसकी शिकायत कहाँ कर सकते हैं|

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बैलेंस अचानक कम होने के पीछे के छिपे कारण:-

प्रीपेड मीटर में बैलेंस गायब होने के पीछे हमेशा तकनीकी खराबी नहीं होती, बल्कि कुछ अन्य तकनीकी और प्रशासनिक कारण भी हो सकते हैं|

  • बकाया राशि का समायोजन (Arrears Adjustment):- अगर आपके पुराने मीटर का कोई बिल बकाया था, तो नया प्रीपेड मीटर लगने पर विभाग उस बकाया राशि को किस्तों में काटता हैं| यही कारण हैं कि रिचार्ज करते ही कुछ पैसा तुरंत कट जाता हैं|
  • दैनिक फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charges):- बिजली कंपनियां हर महीने एक निश्चित शुल्क (Fixed Charge) लेती हैं| यदि आपने कुछ दिनों तक रिचार्ज नहीं किया, तो रिचार्ज करते ही पिछले दिनों का फिक्स्ड चार्ज एक साथ काट लिया जाता हैं|
  • नेगेटिव बैलेंस (Negative Balance):- कई बार रिचार्ज खत्म होने के बाद भी बिजली तुरंत नहीं कटती| वह ‘इमरजेंसी क्रेडिट’ की तरह काम करती हैं, जिसे आपके अगले रिचार्ज में एडजस्ट किया जाता हैं|
  • लोड पेनल्टी:- यदि आपका बिजली का उपयोग आपके स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) से ज्यादा हैं, तो स्मार्ट मीटर खुद-ब-खुद जुरमाना काट लेता हैं|

प्रमुख राज्यों के बिजली शिकायत हेल्पलाइन नंबर:-

यदि आपको लगता हैं कि आपका बैलेंस गलत कटा हैं, तो आप अपने राज्य के अनुसार नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

राज्य – हेल्पलाइन नंबर 

उत्तर प्रदेश (UPPCL) – 1912/1800-180-3002

बिहार (NBPDCL/SBPDCL) – 1912/1800-345-6198

दिल्ली (Tata Power/BSES) – 19124/1800-208-9124

मध्य प्रदेश (MPPKVVCL) – 1912/1800-233-1266

राजस्थान (Jaipur/Jodhpur VVNL) – 1800-180-6507

हरियाणा (DHBVN/UHBVN) – 1800-180-4334/1912

महाराष्ट्र (MSEDCL) – 1800-212-3435/1912

गुजरात (GUVNL) – 1800-233-155333

शिकायत दर्ज करने के प्रभावी तरीके:-

  1. विद्युत् विभाग के एप का उपयोग:- हर राज्य के बिजली विभाग का अपना एप हैं (जैसे बिहार में Suvidha App)| वहां लॉग इन कर ‘Deduction History’ देखे| अगर वहा कोई संदिग्ध कटौती दिखती हैं, तो एप के जरिए ही शिकायत दर्ज करें|
  2. टोल-फ्री नंबर 1912:- यह पुरे भारत के लिए एक ही नंबर हैं| अपनी शिकायत दर्ज कराते समय ‘कंप्लेंट आईडी’ जरुर लें|
  3. लिखित शिकायत:- हेल्पलाइन पर समाधान न होने पर अपने नजदीकी बिजली सब-डिविजन कार्यालय (JE/SDO कार्यालय) में लिखित आवेदन दें और उसकी रसीद (Receiving) जरुर लें|

उपभोक्ताओं के लिए ज़रूरी सुझाव:-

  • लोड की जाँच करें:- अपने घर के लोड और मीटर लोड का मिलान करें ताकि अतिरिक्त चार्ज न लगे|
  • नियमित रिचार्ज:- बैलेंस पूरी तरह खत्म होने से पहले ही रिचार्ज करने की कोशिश करें ताकि ‘नेगेटिव बैलेंस’ की नौबत न आए|

:- स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं| यदि आपके बैलेंस में गड़बड़ी हैं, तो चुप बैठने के बजाय तुरंत आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएँ ताकि आपकी समस्या का समय पर समाधान हो सके|

क्या वाकई मीटर तेज भागता हैं? (Accuracy Test):-

अक्सर लोगों को लगता हैं कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटर के मुकाबले 20% तेज चलते हैं| असल में, पुराने मैकेनिकल मीटर समय के साथ धीमे हो जाते थे और कम वोल्टेज वाली बिजली को रिकॉर्ड नहीं कर पाते थे| स्मार्ट मीटर बहुत संवेदनशील होते हैं, ये एक छोटे एलईडी बल्ब या चार्जर द्वारा ली गई बिजली को भी सटीक मापते हैं| अगर आपको संदेह हैं, तो आप विभाग से ‘चेक मीटर’ (Check Meter) लगाने की मांग कर सकते हैं, जो आपके मौजूदा मीटर के बगल में लगेगा और दोनों की रीडिंग का मिलान किया जाएगा|

ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचे?

प्रीपेड मीटर के दौर से साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं| कई उपभोक्ताओं को मैसेज आता हैं कि “आपका बिजली बिल अपडेट नहीं हैं, आज रत कनेक्शन कट जाएगा, इस लिंक पर क्लिक करें|” याद रखें, बिजली विभाग कभी भी किसी निजी नंबर से लिंक नहीं भेजता| हमेशा आधिकारिक एप (जैसे-बिहार का सुविधा एप या यूपी का युपीपीसीएल एप) से ही रिचार्ज करें| किसी अंजन लिंक पर पेमेंट करना आपके बैंक खाते को खली कर सकता हैं|

बैलेंस खत्म होने पर ‘डिस्कनेक्शन’ का समय:-

स्मार्ट मीटर की एक बड़ी खासियत यह हैं कि बैलेंस जीरो होने पर भी बिजली तुरंत नहीं कटती| अधिकांश राज्यों में नियम हैं कि सूर्यास्त के बाद, रत के समय या सरकारी छुट्टियों के दिन बिजली नहीं काटी जाएगी| यह उपभोक्ताओ को रिचार्ज करने का अतिरिक्त समय देने के लिए किया गया हैं| लेकिन जैसे ही कार्यालय खुलता हैं, सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से कनेक्शन काट देता हैं|

तकनीकी गड़बड़ी होने पर क्या करें?

अगर आपका मीटर ‘डिस्प्ले’ नही दिखा रहा हैं या उसमें कोई एरर कोड (जैसे-Earth Leakage) आ रहा हैं, तो यह आपकी इंटरनल वायरिंग की खराबी हो सकती हैं| ऐसी स्थिति में बैलेंस तेजी से कटता हैं| तुरंत किसी लाईसेंसधारी इलेक्ट्रीशियन से अपनी वायरिंग चेक कराएँ ताकि बिना वजह की कटौती से बचा जा सके|

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