भीषण गर्मी और लू का कहर: केवल पानी पीना काफी नहीं! खुद को डिहाइड्रेशन से

नई दिल्ली/वाराणसी: उत्तर भारत समेत पुरे देश में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है| पारा तेजी से 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा हैं, जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी सामने आ रही हैं| इस मौसम में सबसे बड़ी चुनौती शरीर में पानी की कमी यानी ‘डिहाइड्रेशन’ को रोकना हैं| अक्सर लोग सोचते हैं कि दिन में 8-10 गिलास पानी पि लेना ही काफी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना हैं कि भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए केवल सादा पानी पर्याप्त नहीं हैं|
क्यों खतरनाक हैं डिहाइड्रेशन:-
जब हमारे शरीर से प्रिसे के रूप में पानी और ज़रूरी खनिज (Electrolytes बाहर निकल जाते हैं और हम उनकी भरपाई नहीं कर पाते, तो शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता हैं| इसके शुरुआती लक्षणों में अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सुखना, गहरा पीला पेशन आना, थकान और सिरदर्द शामिल हैं| यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह हिट स्ट्रोक (लू लगना) और ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता हैं|
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केवल पानी ही क्यों काफी नहीं:-
पसीने के साथ हमारे शरीर से केवल पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण लवण भी बाहर निकल जाते हैं| सादा पानी इन लवणों की कमी को तुरंत पूरा नहीं कर पाता| इसलिए, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य हैं|
शरीर को हाइड्रेटेड रखने के 5 प्रभावी तरीके:-
1. इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर ड्रिंक्स का सेवन:-
गर्मी के दिनों में शरीर को ‘इलेक्ट्रोलाइट्स’ की आवश्यकता होती हैं| इसके लिए आप इन प्राकृतिक विकल्पों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं:
- नारियल पानी:- यह प्रकृति का सबसे अच्छा हाइड्रेटिंग ड्रिंक हैं| इसमें पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती हैं जो हृदय गति और मांसपेशियों को नियंत्रित रखती हैं|
- नींबू पानी (Shikanji):- पानी में नींबू, कला नमक और थोड़ा सा भुना जीरा मिलाकर पीने से सोडियम का स्तर बना रहता हैं और पाचन भी सही रहता हैं|
- ओआरएस (ORS):- यदि आप धुप में ज्यादा समय बिताते हैं, तो ओआरएस का घोल सबसे सुरक्षित विकल्प हैं| यह शरीर में पानी और नमक के संतुलन को तुरंत बहाल करता हैं|
2. पानी से भरपूर फलों और सब्जियों का चुनाव:-
भोजन के माध्यम से भी शरीर को हाइड्रेटेड रखा जा सकता हैं| गर्मियों में ऐसे फलों का सेवन करें जिनमें 90% से अधिक पानी हो:
- तरबूज और खरबूजा:- ये फल न केवल प्यास बुझाते हैं बल्कि इनमे मौजूद लाईकोपीन त्वचा को धुप से होने वाले नुकसान से भी बचाता हैं|
- खीरा और ककड़ी:- दोपहर के भोजन में सलाद के रूप में इनका प्रयोग करें| इनमें फाइबर और पानी की मात्रा अधिक होती हैं, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखती हैं|
3. पारंपरिक भारतीय पेय: छाछ और सत्तू:-
हमारी भारतीय परंपरा में गर्मी से लड़ने के लिए बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं|
- मट्ठा या छाछ:- प्रोबायोटीक्स से भरपूर छाछ शरीर के तापमान को कम करती हैं और लू से बचाती हैं|
- सत्तू का शरबत:- बिहार और उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय ‘सत्तू’ प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं और यह पेट को लंबे समय तक ठंडा और भरा हुआ रखता हैं| इसे “देसी एनर्जी ड्रिंक” भी कहा जाता हैं|
4. कैफीन और मीठे पेय पदार्थो से दुरी:-
गर्मी में बहुत ज्यादा चाय, कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक्स पीने की गलती न करें| कैफीन और अत्यधिक चीनी वाले ड्रिंक्स ‘डाइयूरेटिक’ होते हैं, जिसका अर्थ हैं कि ये शरीर से पानी को बाहर निकालने का काम करते हैं (पेशाब ज्यादा आता हैं), जिससे शरीर और ज्यादा डीहाईड्रेट हो जाता हैं| इनकी जगह ताजे फलों का रस या पुदीने का शरबत पिएं|
5. पानी पीने का सही समय और तरीका:-
स्वस्थ रहने के लिए पानी के तरीके पर भी ध्यान दें|
- एक साथ बहुत सारा पानी पीने के बजाय, हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पिएँ|
- धुप से आते ही तुरंत फ्रिज का एकदम ठंडा पानी न पिएं| यह शरीर के तापमान को बिगाड़ सकता हैं| घड़े (मिट्टी के बर्तन) का पानी सबसे उत्तम माना जाता हैं|
विशेषज्ञों की राय: धुप में निकलने से पहले क्या करें:-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना हैं कि अगर आपको मज़बूरी में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलना पड़ रहा हैं, तो खली पेट बिल्कुल न निकलें| घर से निकलने से पहले कम सेकम डॉ गिलास पानी या कोई भी हाइड्रेटिंग ड्रिंक जरुर लें| साथ ही अपने पास पानी की बोतल रखें| छोटे बच्चों और बुजुर्गो का विशेष ध्यान रखें क्योंकि उनमे डीहाईड्रेशन की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती हैं|
6. घर के अंदर का वातावरण ठंडा रखने की स्मार्ट तकनीक (Indoor Cooling Solutionn):-
सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर के तापमान को नियंत्रित करना भी हाईड्रेशन बनाए रखने के लिए ज़रूरी हैं| यदि घर गर्म हैं, तो शरीर से पसीना ज्यादा निकलेगा और पानी की कमी होगी|
- नेचुरल वेंटिलेशन:- सुबह और शाम के वक्त खिड़कियाँ खोलें जब हवा ठंडी हो, लेकिन दोपहर में भारी पर्दों का उपयोग करें ताकि सूरज की सीधी गर्मी अंदर न आएं|
- मिट्टी के बर्तनों का जादू:- फ्रिज के पानी के बजाय ‘मिट्टी के घड़े’ का पानी पीना शुरू करें| यह न केवल पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता हैं, बल्कि इसमें मौजूद खनिज शरीर के pH स्तर को भी संतुलित करते हैं|
- इनडोर प्लांट्स:- घर के अंदर एलोवेरा, स्नेक प्लांट या मनी प्लांट जैसे पौधे लगाएं| ये ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं और कमरे के तापमान को 1-2 डिग्री तक कम करने में मदद करते हैं|
