थलापति से ‘मुथलवर’ तक: विजय का एतिहासिक शपथ ग्रहण

भारत की राजनीति के लिए 10 मई 2026 का दिन बेहद एतिहासिक साबित हुआ| एक तरफ दक्षिण भारत के सुपरस्टार ‘थलापति’ विजय ने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सिनेमा और सियासत के अटूट रिश्ते को एक नई ऊंचाई दी, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर जब तक का सबसे तीखा हमला बोला| यह रिपोर्ट इन दोनों बड़ी घटनाओं का बारीकी से विश्लेषण करती हैं|
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विजय का शपथ ग्रहण: एक नए युग की शुरुआत:-
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में जनसैलाब उमड़ पड़ा था| हर तरफ ‘थलापति’ के नारे गूंज रहे थे| अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कजगम’ (TVK) के बैनर तले एतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तमिलनाडू के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली| राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई|
विजय ने अपनी राजनीति को ‘द्रविड़ियन राष्ट्रवाद’ और ‘तमिल गौरव’ का मिश्रण बताया हैं| चुनाव परिणामों में किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण विजय ने कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई हैं| यह तमिलनाडू के इतिहास में पहली बार हैं जब कोई गठबंधन सरकार सत्ता के शीर्ष पर पहुंची हैं|
मुख्यमंत्री विजय का पहला भाषण: “मै आपका शासक नहीं, सेवक हूँ”:-
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शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री विजय ने मंच से अपनी जनता को संबोधित किया| उनके भीषण में फ़िल्मी चमक-धमक के बजाय एक गंभीर राजनेता की स्पष्टता दिखी| उनके भाषण के कुछ प्रमुख बिंदु:
- करप्शन पर जीरो टालरेंस:- विजय ने कहा कि उनकी सरकार का पहला लक्ष्य प्रशासन से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ना हैं| उन्होंने अधिकारीयों को चेतावनी दी कि फाइलों में देरी और रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी|
- युवाओं को रोजगार:- उन्होंने राज्य में 5 लाख नई सरकारी नौकरियों और स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंड की घोषणा की|
- शिक्षा और स्वास्थ्य:- सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनने और हर जिले में एक ‘सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ खोलने का वादा किया|
- नशा मुक्त तमिलनाडू:- विजय ने स्पष्ट किया कि राज्य में बढ़ती ड्रग्स की समस्या को खत्म करना उनकी प्राथमिकता हैं|
पीएम मोदी का बेंगलुरु में ‘परजीवी’ वाला प्रहार:-
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तमिलनाडू में चल रहे इस सत्ता परिवर्तन के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया| यहाँ उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर सीधा और बेहद कड़ा हमला बोला|
कांग्रेस को ‘परजीवी’ क्यों कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस अब एक ‘परजीवी’ (Parasite) पार्टी बन चुकी हैं| उन्होंने तर्क दिया कि:
- कांग्रेस खुद के दम पर कहीं भी चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं|
- वह क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व को सोखकर (Suck) जीवित रहती हैं|
- पीएम ने उदहारण दिया कि कैसे कांग्रेस ने तमिलनाडू में अपनी जड़े जमाने के लिए कभी DMK का सहारा लिया और अब विजय की पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया|
मोदी ने आगे कहा कि जहाँ भी जन्ग्रेस मजबूत होती हैं, वहां विकास रुक जाता हैं और तुष्टिकरण की राजनीति हावी हो जाती हैं| उन्होंने जनता को आगाह किया कि विकास केवल ‘डबल इंजन’ की सरकार से ही संभव हैं|
थलापति विजय का राजनीतिक सफर: संघर्ष से सफलता तक:-
विजय की राजनीति में एंट्री अचानक नहीं थी| पिछले एक दशक से वे अपने फैन क्लब ‘विजय मक्कल इयक्कम’ के जरिए सामाजिक कार्य कर रहे थे| फरवरी 2024 में उन्होंने अपनी पार्टी TVK का गठन किया और घोषणा की कि वे 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे| उन्होंने सिनेमाई दुनिया को पूरी तरह छोड़ दिया, जो उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा बलिदान था| उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि तमिलनाडू की जनता अब DMK और AIADMK के पुराने चक्र से बाहर निकलकर कुछ नया चाहती हैं|
गठबंधन की चुनौतियाँ और भविष्य:-
विजय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी काँटों भरा ताज हैं| कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन कितना लंबा चलेगा, यह एक बड़ा सवाल हैं| पीएम मोदी के ‘परजीवी’ वाले बयान ने इस गठबंधन की स्थिरता पर संदेह के बीज बो दिए हैं| क्या विजय अपनी स्वतंत्र विचारधारा को बनाए रख पाएंगे या गठबंधन की राजनीति के दबाव में दब जाएंगे|
