सावधान! तेजी से वजन घटाने के चक्कर में कहीं जान जोखिम में तो नहीं डाल रहे आप?

आज के दौर में फिट दिखना हर किसी की चाहत हैं, लेकिन ‘शार्टकट’ के चक्कर में लोग अब मेडिकल साईंस के साथ खतरनाक खेल खेल रहे हैं| हाल के महीनो में भारत के युवाओं और सेलिब्रिटीज के बीच ओजेम्पिक (Ozempic) जैसी वजन घटाने वाली दवाओं का क्रेज तेजी से बढ़ा हैं| जिसे डॉक्टर एक साईलेंट हेल्थ इमरजेंसी मान रहे हैं|
क्या हैं ओजेम्पिक और क्यों हो रहा हैं वायरल?
मूल रूप से, ओजेम्पिक (सेमाग्लूटाइड) एक ऐसी दवा हैं जिसे टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए बनाया गया था| यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करती हैं और भूख को कम करती हैं| लेकिन जब बॉलीवुड के कुछ बड़े नामों ने इसे वजन घटाने का ‘चमत्कारी तरीका’ बताया, तो आम लोगों ने बिना डॉक्टरी सलाह के इसे खरीदना शुरू कर दिया|
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‘वेट लॉस’ के इस शार्टकट के 5 बड़े खतरे:-
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डायबिटीज के इन दवाओं का सेवन शरीर के अंगों पर बुरा असर डाल सकता हैं:
- ओजेम्पिक फेस (Ozempic Face):- तेजी से वजन घटने के कारण चेहरे की त्वचा ढीली पड़ जाती हैं और इंसान अपनी उम्र से कहीं ज्यादा बुढा दिखने लगता हैं|
- पैन्क्रियाताईटिस (Pancreatitis):- लंबे समय तक बिना सलाह के इसके इस्तेमाल से अग्न्याशय (Pancreas) में गंभीर सुजन हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं|
- पाचन तंत्र में गड़बड़ी:- इसके सेवन से गंभीर मतली, उल्टी और पेट की मांसपेशियों के लकवे (Gastroparesis) की शिकायतें सामने आई हैं|
- किडनी पर दबाव:- अचानक वजन कम होने और दवाओं के केमिकल रिएक्शन से किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता हैं|
- मांसपेशियों का नुकसान:- यह दवा सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि शरीर की ज़रूरी मसल्स को भी तेजी से घटा देती हैं, जिससे शरीर अंदरूनी रूप से कमजोर हो जाता हैं|
भारत में बढ़ रहा हैं ‘ब्लैक मार्केट’ का खतरा:-
भारत में यह दवा काफी महंगी हैं और केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही मिलती हैं| लेकिन बढ़ती मांग के कारण कई लोग इसे ऑनलाइन वेबसाइटों या गैर-क़ानूनी स्रोतों से खरीद रहे हैं| डॉक्टरों का कहना हैं कि सोशल मीडिया इन्फ्लुंएसर्स को देखकर दवा लेना ‘सुसाईडल’ हो सकता हैं|
क्या हैं ‘ओजेम्पिक फेस’ और इसके मनोवैज्ञानिक प्रभाव?
1. त्वचा और सुंदरता पर प्रहार:-
हाल ही में चिकित्सा जगत में ‘ओजेम्पिक फेस’ (Ozempic Face) शब्द काफी चर्चा में हैं| डॉक्टरो के अनुसार, जब शरीर का वजन प्राकृतिक गति के बजाय इंजेक्शन के माध्यम से बहुत तेजी से गिरता हैं, तो चेहरे का फैट (Subcutaneous Fat) अचानक खत्म हो जाता हैं| इससे चेहरे की त्वचा लटक जाती हैं, गाल धंस जाते हैं और आँखों के नीचे काले घेरे दिखने लगते हैं| व्यक्ति फिट दिखने के बजाय बीमार और उम्रदराज नजर आने लगता हैं|
2. मानसिक स्वास्थ्य और लत का खतरा:-
वजन घटाने वाली इन दवाओं का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं हैं| मनोवैज्ञानिक का मानना हैं कि इन दवाओं के सेवन से इंसान के अंदर ‘बॉडी डीस्मार्फिया’ (Body Dysmorphia) जैसी स्थिति पैदा हो सकती हैं| लोग वजन कम होने के बाद भी खुद को मोटा महसूस करते हैं और दवा की खुराक बढ़ा देते हैं| इसके अलावा, दवा छोड़ने के बाद जब वजन दोबारा बढ़ता हैं, तो यह गहरे अवसाद (Depression) और चिंता का कारण बन सकता हैं|
3. प्राकृतिक चयापचय (Metabolism) का बिगड़ना:-
हमारा शरीर एक निश्चित गति से कैलोरी बर्न करने के लिए बना हैं| बाहरी केमिकल्स के जरिए भूख को जबरन दबाने से श्रुर का मेटाबॉलिज़्म पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता हैं| लंबे समय तक इन दवाओं के इस्तेमाल से पाचन ग्रंथियां सुस्त हो जाती हैं, जिससे भविष्य में सामान्य भोजन पचाने में भी कठिनाई हो सकती हैं|
4. विशेषज्ञों की अंतिम चेतावनी:-
हेल्थ एक्सपर्ट का साफ कहना हैं कि “दवाईयां बीमारी के लिए होती हैं, लाइफस्टाइल के लिए नहीं|” यदि आप केवल आलस के कारण जिम और हेल्दी डाइट के बजाय इंजेक्शन अंगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं| कोई भी बदलाव करने से पहले ब्लड test और डॉक्टर की लिखित सलाह अनिवार्य हैं| प्रसिद्ध एंडोक्रिनोलाजिस्ट्स का कहना हैं कि वजन घटाने का कोई भी ‘जादुई इंजेक्शन’ स्थायी नहीं होता| जैसे ही आप इन दवाओं को छोड़ते हैं, वजन पहले से भी ज्यादा तेजी से बढ़ने लगता हैं| सही आहार (Diet) और नियमित व्यायाम ही वजन घटाने का एकमात्र सुरक्षित तरीका हैं|
:- सुंदर और पतला दिखने की होड़ में अपनी सेहत को दाँव पर न लगाएं| यदि आप वजन कम करना चाहते हैं, तो किसी सर्टिफाईड डायटीशीयन या डॉक्टर से सलाह लें, न कि सोशल मीडिया के विज्ञापनों या इन्फ्लुंएसर्स की बातों में आएं|
