देश के 9 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का ‘येलो अलर्ट’: जाने अगले 48 घंटों में आपके शहर के मौसम का हाल

नई दिल्ली| 7 मार्च 2026 

देश के 9 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का ‘येलो अलर्ट’:

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की हैं| मार्च का महिना शुरू होते ही उत्तर से लेकर दक्षिण तक मौसम के मिजाज में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा हैं| जहाँ एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने लगी हैं, वहीं दूसरी ओर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण देश के 9 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का संकट मंडरा रहा हैं|

1. इन 9 राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट:-

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मध्यम से भारी बारिश की संभावना हैं| विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया हैं| विशेष रूप से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई हैं|

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2. उत्तर भारत: गर्मी और धुल भरी हवाओं का दौर:-

दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मौसम शुष्क बना हुआ हैं, लेकिन तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही हैं|

दिल्ली: राजधानी में आज न्यूनतम तापमान 16० C रहने का अनुमान हैं| धुल भरी हवाएं चलने से वायु गुणवत्ता (AQI) में भी गिरावट देखी जा सकती हैं|

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जबकि पश्चिमी यूपी में लू (Heatwave) जैसे हालात अभी नहीं हैं, लेकिन धुप काफी तीखी रहने वाली हैं|

3. पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी:-

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे कि लाहौल-स्पीती, चंबा, और उत्तरकाशी में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई हैं| चमोली और केदारनाथ धाम के आसपास भी मौसम सर्द बना हुआ हैं| मौसम वैज्ञानिकों का कहना हैं कि पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का असर आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट के रूप में देखा जा सकता हैं|

4. किसानों के लिए विशेष एडवाईजरी:-

मार्च का समय रबी की फसलों (विशेषकर गेंहू और सरसों) कटाई और पकने का होता हैं| ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं| IMD ने किसानों को निम्नलिखित सलाह दी हैं:

फसल सुरक्षा: जिन क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी हैं, वहां कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें|

कीटनाशकों का प्रयोग: बारिश के दौरान फसलों पर किसी भी प्रकार के कीटनाशक या उर्वरक का छिडकाव न करें|

जल निकासी: खेतों में अतिरिक्त पानी जमा न होने दे, विशेष रूप से सब्जी की खेती वाले इलाकों में|

5. दक्षिण और मध्य भारत का हाल:-

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती हैं| वहीँ दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में मानसून पूर्व (Pre-monsoon) गतिविधियों के कारण हल्की वर्षा की संभावना हैं| महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में तापमान 38०C के पार जा सकता हैं, जिससे वहां के लोगों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ेगा|

6. क्यों बदल रहा हैं अचानक मौसम?:-

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ (El Nino) का प्रभाव कम हो रहा हैं और ‘ला नीना’ (La Nina) की स्थितियाँ बन रही हैं| इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं और पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के मिलन से भारत के पूर्वी और मध्य हिस्सों में ‘ट्रफ लाइन’ बन रही हैं, जो इस बेमौसम बारिश का मुख्य कारण हैं|

7. अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान (Table):-

क्षेत्र

मौसम की स्थिति

अनुमानित तापमान (अधिकतम)

दिल्ली-NCR 

साफ आसमान, तेज धुप

33०C-35०C

पूर्वी भारत 

भारी बारिश और बिजली

28०C-30०C

हिमालयी क्षेत्र 

बर्फबारी और ठंडी हवाएं

10०C-15०C

मध्य भारत

शुष्क और गर्म

36०C-39०C

दक्षिण भारत  

उमस और हल्की वर्षा

32०C-35०C

8. शहरी बुनियादी ढांचे और यातायात पर प्रभाव:-

बेमौसम बारिश और तेज आंधी का सीधा असर बड़े शहरों के बुनियादी ढांचे पर पड़ता हैं| मौसम विभाग ने चेतावनी दी हैं कि जलभराव (Waterlogging) के कारण कोलकाता, भुवनेश्वर और रांची जैसे शहरों में यातायात बाधित हो सकता हैं| तेज हवाओं के चलते पुराने पेड़ों के गिरने और बिजली की लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी रहती हैं| नगर निगमों को सलाह दी गई हैं कि वे नालों की सफाई और जर्जर इमारतों की निगरानी तेज कर दे|वहीँ, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के जोखिम को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण राजमार्गो पर यात्रियों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया हैं|

9. स्वास्थ्य पर मौसम के बदलाव का असर:-

तापमान में अचानक आने वाले इस उतार-चढ़ाव (दिन में गर्मी और रात/बारिश के दौरान ठंड) का सीधा असर आम जनजीवन के स्वास्थ्य पर पड़ रहा हैं| डॉक्टरो के अनुसार, इस मौसम में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और अस्थमा के मरीजों की संख्या में 20-30% की वृद्धि देखि जा सकती हैं| हवा में नमी और धुल के कणों के कारण एलर्जी की समस्या भी बढ़ रही हैं|

बचाव के उपाय:- विशेषज्ञों का सुझाव हैं कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पियें, बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें और ताजे फल एंव सब्जियों का सेवन करें| बच्चों और बुजुर्गो को ठंडी हवाओं से बचाना बेहद ज़रूरी हैं|

10. समुद्र तटीय क्षेत्रो में हाई अलर्ट:-

मछुआरा के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई हैं कि वे बंगाल की खाड़ी के मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अगले 48 घंटो तक न जाएँ| समुद्र में ऊँची लहरें उठने और हवा की गति 55 किमी/घंटा तक पहुँचने का अनुमान हैं| तटीय सुरक्षा बलों (Coast Guard) को भी अलर्ट पर रखा गया हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके|

11. भविष्य की राह: जलवायु परिवर्तन का संकेत?:-

मौसम वैज्ञानिकों का एक बड़ा वर्ग इस तरह के बेमौसम बदलावों को क्लाईमेट चेंज’ (Climate Change) से जोड़कर देख रहा हैं| पिछले कुछ वर्षो में मार्च के महीने में इस तरफ की तीव्रता वाली बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएँ बढ़ी हैं| यह न केवल हमारी अर्थव्यवस्था और कृषि को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि भविष्य के लिए एक चेतावनी भी हैं कि हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में और अधिक ठोस कदम उठाने होंगे|

सुरक्षा उपाय:-

मौसम विभाग ने लोगो से अपील की हैं कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहे| विशेष रूप से बिजली कड़कने के समय पेड़ो के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हो| मछुआरा को भी अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई हैं| देश के बदलते मौसम और खेती-बाड़ी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर के लिए हमारे साथ बने रहें| हम आपको पल-पल की जानकारी देते रहेंगे|

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